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हम अपने फैसले खुद लेते हैं; … भाजपा को अब संघ की जरूरत नहीं! … जेपी नड्डा के बयान ने मचाई खलबली

सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का रिश्ता जनसंघ के समय से है। यह रिश्ता काफी पुराना है। अब तक माना जाता रहा है कि भाजपा के बड़े पैâसलों में संघ का सुझाव जरूर होता है। जमीनी स्तर पर भी भाजपा को संघ की बैकिंग दी जाती रही है। संघ के लोग भाजपा को अपना एक अंग बताते रहे हैं, लेकिन अब समय बदल गया है। भाजपा के लोग खुद को संघ से ऊपर बताने लगे हैं। हाल ही में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यह कहकर खलबली मचा दी है कि भाजपा अब मजबूत हो चुकी है और उसे संघ की जरूरत नहीं है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का इस प्रकार का बयान एक बार फिर चर्चा में है। नड्डा ने कहा कि पहले हम इतने सक्षम नहीं थे इसलिए हमें संघ की जरूरत होती थी, लेकिन अब जब हम सक्षम हैं तो हम अपने फैसले खुद लेते हैं और पार्टी भी हम ही चलाते हैं। एक अखबार को दिए साक्षात्कार में नड्डा ने ये बात कही। इसके बाद राजनीति में संघ और भाजपा के बीच संबंधों को लेकर चर्चा बढ़ गई है। अटल बिहारी वाजपेयी के दौर की भाजपा और मौजूदा भाजपा में क्या अंतर है? ऐसे एक सवाल के जवाब में नड्डा बोल रहे थे। इस रिश्ते को लेकर अक्सर भाजपा की आलोचना होती रही है। राजनीतिक गलियारों में अभी भी इसकी चर्चा हो रही है। इसके अलावा भाजपा पहले भी कई बार संघ की मदद ले चुकी है। इससे उनकी आइडियोलॉजी को भी समर्थन मिला है। भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रिश्ते और संघ द्वारा भाजपा को दी जाने वाली मदद को राजनीति में देखा जा चुका है।

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