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जब शिंदे-फडणवीस के पास निमंत्रण पत्र नहीं था … तो कैसे बनी सरकार?

राज्यपाल से खुलासा करने की मांग
सामना संवाददाता / मुंबई
महाविकास आघाड़ी में फूट डालकर राज्य में सरकार बनानेवाले एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस को राज्यपाल ने सरकार बनाने का निमंत्रण दिया ही नहीं था। राजभवन के पास निमंत्रण भेजे जाने का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। फिर राज्य में ‘मिंधे’ सरकार कैसे बनी? मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण वैâसे हुआ? इस बारे में राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी खुलासा करें। इस तरह की मांग राकांपा ने की है।
सूचना के अधिकार से पता चला है कि राज्यपाल ने शिंदे-फडणवीस को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित करने के बारे में कोई पत्राचार किया ही नहीं। जब इस बारे में उपमुख्यमंत्री फडणवीस से पूछा गया था तो उन्होंने यह जवाब देकर टालने की कोशिश की कि सारे संबंधित दस्तावेज राज्यपाल के पास हैं क्योंकि सरकार गठन का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। राज्यपाल के पास सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की संवैधानिक जिम्मेदारी है। इस बारे में राकांपा प्रवक्ता महेश तपासे ने कहा कि राज्यपाल को इसका खुलासा करना चाहिए। क्योंकि सीएम के दावेदार को संख्याबल बताने के लिए राज्यपाल को लिखित पत्र देना पड़ता है।
उस संख्याबल की पुष्टि करने के बाद ही राज्यपाल सरकार बनाने के लिए नेता को लिखित न्योता देते हैं। लेकिन यह लिखित निमंत्रण पत्र की कॉपी राजभवन कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह सरकार संवैधानिक रूप से वैद्य है या नहीं, यह राज्यपाल को स्पष्ट करना चाहिए।

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