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कश्मीर में आतंकवाद कम हुआ तो अपराध बढ़े!

  • पुलिस बोली पहले रिपोर्ट नहीं होते थे, विशेषज्ञों ने कहा समाज खतरनाक मोड़ पर

सुरेश एस डुग्गर / जम्मू
धरती के स्वर्ग कश्मीर से बुरी खबर यह कही जा सकती है कि आतंकवाद में कमी आने के साथ ही अपराधों की संख्या में वृद्धि हो गई है। हालांकि पुलिस ऐसा नहीं मानती है जिसका कहना था कि पहले भी यह दर ऐसी ही थी बस लोग सूचना नहीं देते थे तो विशेषज्ञों और डॉक्टरों का कहना है कि मादक पदार्थों के सेवन ने कश्मीर के समाज को खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है जिसका परिणाम जघन्य अपराधों के तौर पर सामने आ रहा है।
दरअसल, कश्मीर में पिछले ६ महीनों में ७ जघन्य हत्याकांडों ने कश्मीरियों को झकझौर कर रख दिया है। पिछले छह महीनों में सात हत्याएं जिनमें उनके बेटों द्वारा तीन माताओं की हत्या शामिल है, ने पूरे कश्मीर को चौंका दिया है। हत्याओं ने सभी को झकझोर कर रख दिया और नेटिजेंस ने अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सहारा लिया। विशेषज्ञों ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समाज को संवेदनशील बनाने का आह्वान किया और कहा कि नशा और मोबाइल की लत इन हत्याकांडों के पीछे के कुछ प्राथमिक कारक हैं।
आईएमएचएएनएस श्रीनगर में मनोचिकित्सा के तौर पर कार्यरत एक प्रोफेसर डॉ. यासिर राथर का दावा है कि हेरोइन के नशे में वृद्धि कश्मीर की बढ़ती अपराध दर के लिए जिम्मेदार हो सकती है क्योंकि उपयोगकर्ता हताशा से चोरी और यहां तक कि हत्या की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कश्मीर में नशीली दवाओं के खतरे का प्रमुख कारण वित्तीय संकट और अनिश्चितता की ज्वार की लहर है, जो एक संघर्ष क्षेत्र को परिभाषित करता है। डा राथर के अनुसार, अतीत में, विशेष मोहल्लों और जिलों से नशा करने वाले आते थे, लेकिन अब ये रोगी कश्मीर के हर नुक्कड़ से आ रहे थे।
जबकि एनसीआरबी ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि पिछले वर्ष १४९ के मुकाबले २०२१ में हत्या के १३६ मामले सामने आए थे। जम्मू कश्मीर में २०१९ में हत्या के ११९ मामले दर्ज किए गए। एनसीआरबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष २०२१ में जम्मू कश्मीर में मारे गए १३६ लोगों में से ३० ने आतंकवाद या आतंकवाद के कारण, दो राजनीतिक कारणों से, एक आनर किलिंग के लिए, १० प्रेम संबंधों के लिए, और तीन अवैध संबंधों के कारण अपनी जान गंवाई। इस संबध में कश्मीर रेंज के एडीजीपी विजय कुमार से अपराध दर में संभावित वृद्धि के बारे में पूछे गए सवाल के बारे में उन्होंने कहा कि अपराध दर में कोई वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन उन लोगों द्वारा अपराधों की सूचना देने में वृद्धि हुई है जो पुलिस की गहन जांच के लिए भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा कि अपराध के मामलों की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और दंडित भी किया जा रहा है।

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