मुख्यपृष्ठनए समाचार`पिंक लाइन' को कब मिलेगी हरी झंडी? मेट्रो अथॉरिटी की सुस्त चाल

`पिंक लाइन’ को कब मिलेगी हरी झंडी? मेट्रो अथॉरिटी की सुस्त चाल

मुंबई की भौगोलिक स्थिति और लोगों के काम का स्वरूप ऐसा है कि मुंबईकरों का चारों दिशाओं में आना-जना लगा रहता है। मुंबई की `लाइफ लाइन’ कही जाने वाली लोकल रेलवे आवाजाही को आसान जरूर बनाती है लेकिन आनेवाले समय में बढ़ती आबादी के लिए लोकल और अन्य परिवहन के साधन अपर्याप्त साबित होंगे। मुंबई में जगह की बेहद कमी है और ऐसे में सड़कों पर और ज्यादा बोझ नहीं बढ़ाया जा सकता। लोगों को ट्रैफिक, प्रदूषण और सुलभ सस्ता यातायात के साधन उपलब्ध हों इसलिए २०१७ में पूरे मुंबई में मेट्रो लाइन का काम शुरू करने का प्रस्ताव सरकार द्वारा पास किया गया था, जिसके अंतर्गत पूरे मुंबई में लगभग ३४४ किलोमीटर मेट्रो लाइन के काम को मान्यता दी गई। मेट्रो १, मेट्रो २ ए और मेट्रो ७ पूरी तरह से संचालित है और धीरे-धीरे लोगों का अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है और मेट्रो से सफर करनेवाले यात्रियों की संख्या भी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। मेट्रो ३ लाइन का काम भी ९३ प्रतिशत पूरा हो गया है और २०२४ से मुंबईकरों को अंडरग्राउंड मेट्रो में सफर करने का मौका मिलने लगेगा।
मुंबई के उपनगर विक्रोली से लेकर स्वामी समर्थ नगर, जोगेश्वरी तक मेट्रो लाइन ६ जिसे पिंक लाइन के नाम से जाना जाता है, को मंजूरी भी तत्कालीन सरकार द्वारा २०१७ में दी गई थी और २०१८ में मेट्रो ६ के काम को पूरा करने का कॉन्ट्रैक्ट तीन ठेकेदारों जे कुमार सी टी आर जी संयुक्त, एम बी जेड -ईआईएल संयुक्त और जे कुमार इंप्रâाप्रोजेक्ट लिमिटेड को दिया था और ३१ मार्च २०२४ तक काम को खत्म करने की डेडलाइन दी गई थी। मेट्रो पिंक लाइन की कुल लागत मंजूरी करते वक्त ६,७१६ करोड़ रुपए थी। पिंक लाइन पूरी तरह एलिवेटेड मेट्रो लाइन है और इसकी कुल लंबाई १५ किलोमीटर से अधिक है और इसमें कुल १३ मेट्रो स्टेशन हैं। पिंक लाइन मेट्रो के येलो लाइन २, एक्वा लाइन ३, ग्रीन लाइन ४ और रेड लाइन ७ से इंटरकनेक्टेड है। इसके साथ ही पिंक लाइन पश्चिम रेलवे के जोगेश्वरी और मध्य रेलवे के कांजुरमार्ग स्टेशन को भी जोड़ती है।
यद्यपि मेट्रो ६ के काम को पूरा करने की जिम्मेदार तीन ठेकेदारों को २०१८ में ही दे दी गई थी और उन्हें ३१ मार्च २०२४ तक का समय दिया गया था लेकिन २०२० में कोरोना संकट के कारण मेट्रो ६ का काम लगभग एक साल तक बंद था, जिसके कारण इसकी डेडलाइन बढ़ाकर दिसंबर २०२५ निर्धारित की गई है। पिंक लाइन का काम लगभग ७३ प्रतिशत के करीब पूरा हो चुका है, जिसमें मुख्यरूप से पिलर का काम पूर्णता के करीब है। गर्डर डालने का सबसे कठिन काम भी अथॉरिटी द्वारा पूरा कर लिया गया है। मेट्रो ६ के यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके इसलिए मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने मेट्रो स्टेशन के आस-पास २५० मीटर की जगह को भी विकसित करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए हाल ही में टेंडर जारी किया गया है।
पिंक लाइन की विशेषता
पिंक लाइन भारत की सबसे ऊंची मेट्रो लाइन में से एक है। आमतौर पर मेट्रो के पिलर की ऊंचाई १६ मीटर के आसपास होती है लेकिन पिंक लाइन के पिलर की ऊंचाई कुछ जगहों पर ३० मीटर के करीब है। पिंक लाइन का सबसे बड़े पिलर की ऊंचाई कांजुरमार्ग के गांधी नगर के पास स्थित है, जिसकी ऊंचाई ३८ मीटर है। इतना ही नहीं, पिंक लाइन पर बननेवाला कांजुरमार्ग मेट्रो स्टेशन सबसे ऊंचाई पर बननेवाला स्टेशन है, यह स्टेशन ३० मीटर ऊंचाई पर स्थित है ।

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