मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई से कब दूर होगी शौचालयों की समस्या : बस्तियों में रहने...

मुंबई से कब दूर होगी शौचालयों की समस्या : बस्तियों में रहने वाली  ७० प्रतिशत जनता परेशान! … अधर में लटकी है ५५९ शौचालय बनाने की योजना

•  विलंब के लिए कंसल्टेंट पर फाइन, १४,१६६ शौच कूप जरूरी

कहां कितने शौचालयों की जरूरत
• शहर में २,३९७ शौचालय बनाए जाएंगे
• पूर्वी उपनगरों में ५,२४३ शौचालय बनाए जाएंगे
• पश्चिमी उपनगरों में ६,५२६ शौचालय बनाए जाएंगे

रामदिनेश यादव / मुंबई
देश की सबसे बड़ी और धनी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन मुंबई महानगरपालिका का बजट छोटे देशों के बराबर होता है, बावजूद इसके मुंबई की बस्तियों में रहनेवाली करीब ७० फीसदी जनता शौच की समस्या का सामना कर रही है। मुंबई मनपा ने झोपड़पट्टियों में शौच की समस्या को निपटाने के लिए ५५९ शौचालय बनाने का प्रस्ताव पिछले वर्ष में ही रखा था, जिसके तहत अलग-अलग जगहों पर कुल १४,१६६ शौच कूप बनाने की योजना है। लेकिन उस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। हालात यह है कि मनपा ने जिन कंसल्टेंट को नियुक्त किया था वे भी काम नहीं कर रहे हैं। नतीजतन, मनपा ने शौचालय निर्माण कार्यक्रम के प्रस्ताव का खाका तैयार करने वाले कंसल्टेंट्स पर दंडात्मक कार्रवाई की है। दो कंस्लटेंटों पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
३ महीने पहले कंसल्टेंट की हुई थी नियुक्ति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर और पूर्वी उपनगरों के लिए एक-एक और पश्चिमी उपनगरों के लिए दो, ऐसे कुल चार कंसल्टेंट्स मनपा ने तीन महीने पहले नियुक्त किया था। अतिरिक्त नगर आयुक्त सुधाकर शिंदे ने कहा कि पश्चिमी उपनगर के कंसल्टेंट ने अभी तक शौचालय परियोजना के लिए डिजाइन, चित्र और अनुमान प्रस्तुत नहीं किए हैं। इसलिए उन दोनों पर १-१ लाख रुपए का जुर्माना लगाए गए हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि दबाव के बाद अब उन दोनों कंसल्टेंट ने तत्परता दिखाई है। उच्च अधिकारियों से निर्देश हैं कि यदि इन कंसल्टेंट ने निर्धारित समय के भीतर डिजाइन और ड्राइंग नहीं दिए तो उन पर प्रति दिन एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाए। डिजाइन फाइनल होने के बाद वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। यदि ठेकेदार भी समय पर काम शुरू करने में विफल रहते हैं, तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है योजना?
झोपड़पट्टी इलाकों में शौचालय निर्माण के लिए १२ लॉट बनाए गए हैं। जिसके तहत महानगर में कुल ५५९ स्थानों पर १४,१६६ शौच कूप के निर्माण योजना है। लेकिन शहर में जगह की कमी के कारण एक साल तक शुरू नहीं हो सकी। इसके लिए मनपा अनुमानित ४८८.७८ करोड़ रुपए खर्च करेगी।
अब तक मात्र १३,९१२ शौच कूप ही उपलब्ध
स्वच्छ भारत मिशन के मानदंडों के अनुसार, झोपड़पट्टी बस्तियों में ३५ पुरुषों और २५ महिलाओं के लिए एक शौचालय सीट होनी चाहिए। महानगर में फिलहाल १३,९१२ शौचालय सीटें उपलब्ध हैं।

 

अन्य समाचार