मुख्यपृष्ठनए समाचारबीजेपी जहां फंसती है वहीं विपक्ष को घेरती है

बीजेपी जहां फंसती है वहीं विपक्ष को घेरती है

विदेश फंडिंग मामले को लेकर ईडी की रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही भाजपा आप पार्टी पर हमलावर दिखाई पड़ रही है। इस मामले को लेकर दिल्ली की मंत्री आतिशी मार्लेना ने पीएम मोदी और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। ईडी के अनुसार आम आदमी पार्टी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए विदेशों से फंडिंग प्राप्त की है, लेकिन इस मामले पर आम आदमी पार्टी ने अपना रोष प्रकट किया। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा कि शराब घोटाले और स्वाति मालीवाल प्रकरण में फेल होने के बाद बीजेपी एक और नया मामला सामने लाई है,आज कोई और तो कल कोई और नया मामला सामने लाएगी। आतिशी ने यह भी कहा कि बीजेपी दिल्ली और पंजाब की सभी सीटें हार रही है। मौजूदा केंद्र सरकार से जनता बहुत नाराज है। ये ईडी की नहीं, भाजपा की कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि ये मामला बहुत पुराना है जिसके सभी जवाब पहले ही दिए जा चुके हैं। आतिशी ने कहा कि ये पार्टी को बदनाम करने की साजिश है। जब भी बीजेपी घिरती है तो वह उससे पहले ही उन मुद्दों पर जवाब मांगने वाली विपक्षी पार्टी या नेता को किसी भी मामले में घेरने लगती है, लेकिन तथ्यों को लंबे समय तक छुपाया नही जा सकता जिसका परिणाम यह होता है कि वह अंत में स्वयं घिर जाती है। जैसा कि इलेक्टोरल बॉन्ड की बात करें तो बीजेपी उसमें पूरी तरह फंसती नजर आ रही है। बीते मार्च एक रिपोर्ट जारी की गई थी जिसमें हैदराबाद स्थित मेघा इंजीनियरिंग एंड इंप्रâास्ट्रक्चर लिमिटेड ने बीजेपी को ५८४ करोड़ रुपए का चंदा दिया है। जिसमें अपने कुल डोनेशन का साठ फीसदी बीजेपी को दिया है। यह किसी भी दानकर्ता का किसी भी एमईआईएल पार्टी को दिया गया सबसे बड़ा डोनेशन माना जा रहा है। चुनाव आयोग ने यह डेटा जारी किया है। इससे आम जनता तक भी यह जानकारी नहांr मिली कि इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए किससे किस पार्टी को चंदे के रूप में कितनी रकम मिली है। यह डेटा १२ अप्रैल २०१९ से २४ जनवरी २०२४ तक खरीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड का है। हालांकि इससे पहले और अन्य तमाम बड़ी कंपनियों की दान सूची अभी जारी नहींr का,r चूंकि चुनावों से पहले इस मामले को लेकर हंगामा कट गया। हालांकि सबको पता है कि फेहरिस्त लंबी और सच्चाई क्या यह भी स्पष्ट है। दरअसल मामला यह कि बीजेपी अपने किसी घोटाले या ऐसी घटना का जिक्र नहीं करती या सुनना नहींr चाहती जिसमें वो फसती या घिरती नजर आए। स्पष्ट है कि केजरीवाल पर अभी तक कोई आरोप सिद्ध नहींr हुआ, हल्ला मचाने का पैमाना कितना बड़ा है, यह सबने देख लिया। दिल्ली सरकार पर विदेशी फंडिंग का आरोप बड़ा है लेकिन इसमें सच क्या और कितना है यह अभी साफ नहीं है। आज की सभी पार्टियों को एक साथ जुडने का कारण भी यही है कि बीजेपी इस समय सारी एजेंसियों को चलाने का काम कर रही है। तानाशाही लगातार बढ़ने से हर कोई परेशान है लेकिन अब विपक्ष समेत जनता ने वोट के द्वारा तानाशाही के खिलाफ बिगुल बजाने का मन बना लिया।

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