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कैप्सूल में साइनाइड किसने मिलाई? …दवा भी दे रही मौत!

मनमोहन सिंह
२८ सितंबर १९८२। १२ साल की एक लड़की मैरी किलरमैन की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज शुरू हुआ लेकिन दूसरे दिन उसकी तबीयत इतनी बुरी तरह से बिगड़ गई थी कि उसे बचाया नहीं जा सका। उसी तारीख को एक जेनस परिवार के ६ लोगों की मृत्यु हो गई। एडम, स्टेनली, मैरी मैकफरलैंड, पाउलाप्रिंस और मैरी रीनर। शिकागो में इन रहस्यमई मौत के चलते लोगों में भय बैठ गया था। जब मेरी को अस्पताल में दाखिल किया गया था तो बताया गया कि उसने टैलीनॉल नाम की वैâप्सूल खाई थी। बाद में पता चला कि जेनस परिवार ने भी वही वैâप्सूल का सेवन किया था। लेकिन वह तो वैâप्सूल एक दवा थी उससे वैâसे हो सकती थी मौत?
बता दें कि शुरुआत में, जांचकर्ता चकित थे, लेकिन निक पिशोस ने गौर किया कि जेनस परिवार की टैलीनॉल बोतल और मेरी किलरमैन की बोतल का प्रोडक्शन कंट्रोल नंबर : एमसी २८८० समान ही था। डिप्टी मेडिकल एक्सामिनर एडमंड डोनोग्यू ने पाया कि दोनों बोतलों से कड़वे बादाम जैसी गंध आ रही थी, जो साइनाइड का एक स्पष्ट संकेत था। ब्लड रिपोर्ट से यह साबित हो गया था कि सभी के खून में जानलेवा साइनाइड का अंश था। लेकिन उन सभी ने दवा ली थी टेलीनॉल, न की घातक रसायन साइनाइड! इसका सीधा-सीधा मतलब यह था कि किसी ने उन वैâप्सूल्स की बोतल को खोलकर उसमें साइनाइड की कुछ मात्रा मिला दी था, जिसने उन बेगुनाहों की जान ले ली थी। आनन-फानन में इसकी सूचना जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को दी गई जिसने इसका प्रोडक्शन किया था। जॉनसन एंड जॉनसन ने टेलीनॉल की तीन करोड़ से अधिक बोतलें वापस मंगा लीं और चेतावनी जारी की कि कोई भी इस दवा का इस्तेमाल न करें। अब इस पूरे मामले में कोई न कोई ऐसी कड़ी जरूर थी, जिसके चलते दवाई ने जहर का रूप ले लिया था। जांच चल रही थी। इस बीच इस तरह के और मामले भी सामने आए। जॉनसन एंड जॉनसन ने अपराधी के बारे में जानकारी देनेवाले को १००,००० डॉलर का इनाम देने की पेशकश की गई। इसी दौरान जॉनसन एंड जॉनसन को एक चिट्ठी मिली, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि यदि चिट्ठी भेजने वाले की मांग नहीं मानी गई तो इस तरह की और घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी उसने १० लाख डॉलर की मांग की थी। अब न्यूयॉर्क के जेम्स विलियम लुईस को जॉनसन एंड जॉनसन को एक पत्र भेजने और जबरन वसूली का दोषी ठहराया गया। लेकिन यह साबित नहीं हो पाया कि कैप्सूल में जहरीले साइनाइड को किसने मिलाया था। पुलिस ने इस सिलसिले में रॉजर अर्नाल्ड को भी गिरफ्तार किया लेकिन वह साबित नहीं कर पाई कि टेलीनॉल कैप्सूल में साइनाइड कैसे मिली। जांच लंबी-लंबी चलती रही। २०१० में लुईस और रॉजर के डीएनए के नमूने को कैप्सूल की बोतलों पर पाए गए डीएनए से मिलाया गया लेकिन जांंच एजेंसियां उनके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं कर पाई। आज तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि टेलीनॉल कैप्सूल में लगे साइनाइड से होनेवाली मौत का असली जिम्मेदार कौन है?

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