मुख्यपृष्ठनए समाचारकौन दबाना चाह रहा है अंधेरी जहर कांड? ...  पांच उत्तर भारतीय...

कौन दबाना चाह रहा है अंधेरी जहर कांड? …  पांच उत्तर भारतीय मजदूरों पर बरपा था कहर

• एक की मौत, चार की हालत गंभीर
जय सिंह / मुंबई
मुंबई के उपनगर अंधेरी में १५ अगस्त के दिन हुए पांच उत्तर भारतीय मजदूरों पर हुए जहर कांड का मामला संदेहास्पद होता जा रहा है। जहर १५ अगस्त के दिन अवैध रूप से लाकर पी गई शराब में था या खाने में किसी ने मिलाया था या खुद खाने में जहर गिर गया? मामला अंधेरी के एमआईडीसी पुलिस थाने से जुड़ा हुआ है, जहां इस मामले की जांच चल रही है। इन पांच उत्तर भारतीय मजदूरों में एक की मौत हो चुकी है और दो की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि दो की हालत स्थिर है। जहर से हुई दुर्गति को संदेहास्पद इसलिए भी माना जा रहा है कि जहर से पीड़ित इन मजदूरों के रिश्तेदारों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सादी वर्दी में पुलिस के कुछ जवान जोगेश्वरी ट्रॉमा अस्पताल के बाहर खड़े उनके रिश्तेदारों को धमका रहे हैं कि इस बात का जिक्र किसी भी पत्रकार से करने पर सजा भुगतोगे।
मिली जानकारी के मुताबिक, अंधेरी (पूर्व) पंप हाउस में एक घर में ५ मजदूर रहते हुए अपनी रोजी-रोटी हेतु ये लोग मजदूरी का काम करते थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, १५ अगस्त को जब शराब की सभी दुकानें बंद रहती हैं तब इन लोगों ने शराब लाकर पी और खाना खाया। १६ तारीख को जब इनके घरवालों ने इन्हें कॉल किया तो इनका फोन किसी ने नहीं उठाया। इनके गांव के एक युवक ने आकर देखा तो पांचों मजदूर दीपक यादव, सरवन यादव, किसन कुमार यादव, गोविंद यादव और रामबाबू यादव बेहोशी की हालात में पाए गए। इन्हें जोगेश्वरी के हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ट्रॉमा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रामबाबू यादव को मृत घोषित कर दिया और चार लोगों में से दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मामले की गंभीरता को न समझते हुए पुलिस अपना दामन बचा रही है। जांच का विषय यह है कि इन लोगों ने अगर शराब पी थी तो १५ अगस्त के दिन शराब आई कहां से? अगर खाने में जहर था तो जहर किसने मिलाया? जहर इतना कहर बरपा गया कि एक मजदूर की मौत हो गई। इस मामले की जानकारी के लिए इस संवाददाता ने एमआईडीसी पुलिस थाने में उनके फोन नंबर ०२२२८३६८३५२ पर फोन कर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जगदीश गायकवाड से इस बारे में पूछा तो वहां फोन उठाने वाले ने कहा कि साहब अभी मीटिंग में हैं। खुद का परिचय गायकवाड साहब के ड्राइवर के रूप में देते हुए शराब की बात खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उन लोगों ने खाना खुला रखा था, उसमें छिपकली गिर गई होगी। दूसरी तरफ धमकी से भयभीत मजदूरों के रिश्तेदारों को यह बताने से मना किया जा रहा है कि शराब लानेवाली बात किसी से नहीं बतानी है।

अन्य समाचार