रातभर

याद तेरी आती रही रातभर,
दिल को तड़पाती रही रातभर।
पहली रात की याद मेरे,
होश उड़ाती रही रातभर।
तेरा यूं शरमा कर आना पास मेरे,
घूंघट से देखना जलाती रही रातभर।
मैं पास आना चाहूं और तुम दूर जाओ,
बस यूं मुझे बहलाती रही रातभर।
आज भी याद है तेरा मेरे पास आना,
तेरी सुगंध मुझे बहकाती रही रातभर।
-️गायत्री बंका, मुंबई

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