मुख्यपृष्ठनए समाचार...वास्तव में क्यों घबरा रहे हैं? राज्य में खराब हालात के लिए...

…वास्तव में क्यों घबरा रहे हैं? राज्य में खराब हालात के लिए कौन है जिम्मेदार? अजीत पवार का ‘ईडी’ सरकार से सवाल

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की `ईडी’ सरकार को बने एक महीने से ऊपर हो गया, फिर भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ, इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रतिपक्ष के नेता अजीत पवार ने कहा कि वास्तव में मुख्यमंत्री क्यों घबरा रहे हैं? राज्य का कामकाज किस तरह चल रहा है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? ऐसा सवाल भी उन्होंने `ईडी’ सरकार से किया। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सही मायने में उन्हें कौन-सा डर सता रहा है, ऐसा सवाल भी अजीत पवार ने किया। अजीत पवार ने कल बारामती में आयोजित जनता दरबार संपन्न होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य की समस्याओं को लेकर ध्यान आकर्षित कराया है। लोग आत्महत्या करने के लिए कदम उठा रहे हैं, बाढ़ प्रभावित नागरिक परेशान हैं, बाढ़ प्रभावितों को जल्द-से-जल्द मदद की आवश्यकता है, इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राज्यपाल से जल्द-से-जल्द मंत्रिमंडल को अस्तित्व में आना चाहिए, ऐसा कहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द-से-जल्द मदद करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही तत्काल अधिवेशन भी बुलाने की आवश्यकता है। वास्तविक रूप से अधिवेशन जुलाई महीने में संपन्न हो जाता है। अगस्त महीना शुरू हो गया है लेकिन मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ, न ही इसका मुहूर्त निकला, हरी झंडी भी नहीं मिली क्योंकि `ईडी’ यानी एकनाथ और देवेंद्र मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर एकमत नहीं हैं इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार करने में घबरा रहे हैं, ऐसा अजीत पवार ने कहा। महाराष्ट्र की १३ करोड़ जनता राह देख रही है, मैं नागरिकों से मिल रहा हूं, उनकी अलग-अलग समस्याएं हैं, उनको हल करने के लिए संबंधित विभाग के मंत्रियों की बोलने की आवश्यकता है। मंत्री नहीं हैं, सचिवों से बोलने पर कहते हैं कि मंत्री के हस्ताक्षर के सिवाय कुछ नहीं कर सकते, इस संदर्भ में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को ध्यान देना चाहिए। वे ध्यान दे नहीं रहे हैं, ऐसा भी अजीत पवार ने कहा।

अन्य समाचार