मुख्यपृष्ठनए समाचारशिवसेना-वंचित युति को लेकर हम क्यों नाराज हों?

शिवसेना-वंचित युति को लेकर हम क्यों नाराज हों?

सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना व वंचित बहुजन आघाड़ी की युति से हमारी नाराजगी का सवाल कहां से आता है? क्यों गलतफहमियां पैâलाई जा रही हैं? ऐसा सीधा सवाल विरोधी पक्षनेता अजीत पवार ने कल मीडिया से पूछा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में कल पार्टी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने की। इस बैठक में संगठनात्मक विकास, विधान परिषद चुनाव, चिंचवड़-कस्बा उपचुनाव और अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव को लेकर क्या नीति होनी चाहिए, इस पर चर्चा की गई, ऐसी जानकारी विरोधी पक्षनेता अजीत पवार ने कल दी।
पिछले चुनाव में वंचित बहुजन आघाड़ी को मिले वोटों को लेकर पत्रकारों द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए अजीत पवार ने कहा कि राजनीति में इसका कोई मतलब नहीं है कि पिछले चुनाव में कौन हार गया। राजनीति में आनेवाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए योजना बनानी होती है और राजनीतिक रुख पेश करना होता है। भूतकाल में क्या हुआ, इस पर कोई विचार नहीं करता, जबकि भविष्य के चुनाव की तैयारी जरूरी होती है।
मुंबई में शिवसेना की ताकत
अजीत पवार ने कल मीडिया से यह भी बताया कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष मुंबई में शक्तिशाली हैं। मुंबई मनपा चुनाव को लेकर उद्धव ठाकरे के साथ पहले सकारात्मक चर्चा हुई थी कि मुंबई मनपा चुनाव में हमें भी साथ लो, ऐसी जानकारी भी अजीत पवार ने दी।

अन्य समाचार