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ममता बनर्जी का उद्धव ठाकरे सहित गैर भाजपाई मुख्यमंत्रियों को पत्र … केंद्रीय जांच एजेंसियों से लेंगे टक्कर!

सामना संवाददाता / मुंबई । भाजपा द्वारा देश के लोकतांत्रिक संघीय ढांचे पर हमला किया जा रहा है। विरोधियों से बदला लेने के लिए सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। भाजपा के जुल्मी दमनकारी शासन की राजनीति बिल्कुल भी सहन न करें। केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ सभी विरोधी दलों को एकजुट होकर लड़ना चाहिए, ऐसा आह्वान करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित सभी गैर भाजपाई मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा है। इस पर रणनीतिक चर्चा के लिए सभी विपक्षी दलों की एक बैठक का आयोजन किया जाए। देश का जो अधिकार है, वैसी सरकार बनाने के नजरिए से तैयारी की जाए, ऐसा भी ममता बनर्जी ने कहा है।
तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्षा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा २७ मार्च को लिखा गया यह पत्र आज मीडिया में वायरल हो गया। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सहित सभी गैर भाजपाई मुख्यमंत्रियों को भेजे गए इस पत्र में ममता बनर्जी ने कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों से एकजुट होने का आह्वान किया है।
पत्र में क्या लिखा है?
ये ईडी, सीबीआई, केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीबीसी), आयकर विभाग (आईटी) इन तमाम केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विरोधियों से बदला लेने के लिए, विरोधियों को निशाना बनाकर प्रताड़ित करने के लिए, उन्हें अड़चन में डालने के लिए किया जा रहा है। भाजपा द्वारा किया जा रहा केंद्रीय जांच एजेंसियों का यह दुरुपयोग हम सभी को मिलकर रोकना चाहिए। यह दिल्ली स्पेशल पुलिस संशोधन विधेयक और सीबीसी संशोधन विधेयक-२०२१ को सरकार ने संसद में मंजूर करवा लिया है। विपक्ष द्वारा सभा त्याग किए जाने के बाद भी सरकार ने इस विधेयक को मंजूर कर लिया इसलिए ईडी और सीबीआई संचालकों का कार्यकाल पांच साल तक बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। यह तो सीधे-सीधे सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का उल्लंघन है। ये चुनाव आने पर उन राज्यों में ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं। विपक्ष को टार्गेट बनाने लगती हैं। भाजपा शासित राज्यों में ये जांच एजेंसियां नहीं जाती हैं। भाजपा शासित राज्यों की गुलाबी तस्वीर दिखाई जाती है। भाजपा के बदले की राजनीति विपक्ष के नेता बिल्कुल भी सहन न करें, जांच एजेंसियों के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबला करना चाहिए।
भाजपा द्वारा देश में लोकतांत्रिक संघीय ढांचे पर हमला किया जा रहा है। भाजपा की इन दमनकारी, जुल्मी शासन का सामना किया जाना चाहिए। मेरा निवेदन है कि सभी की सुविधानुसार एक जगह इकट्ठे होकर आगे की रणनीति तय करने की चर्चा की जाए। सभी प्रगतिशील शक्तियों को एक साथ आकर भाजपा, केंद्रीय जांच एजेंसियों की दमनशाही नीतियों का मुकाबला करना चाहिए। यह देश की आवश्यकता है।
न्याय व्यवस्था का सम्मान परंतु…
मेरे मन में न्याय व्यवस्था के प्रति सर्वोच्च आदर है लेकिन फिलहाल कुछ राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। यह हमारे लोकतंत्र के लिए घातक है। न्याय व्यवस्था, प्रसार माध्यम एवं जनता लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभ हैं। किसी भी स्तंभ को चोट पहुंचती है तो पूरी व्यवस्था ही धराशायी होकर गिर जाएगी, ऐसा मुख्यमंत्री ने इस पत्र में कहा है।

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