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साइबर सुरक्षा की मिलेगी शिक्षा! …मप्र स्किल डेवलपमेंट एवं रोजगार जनरेशन बोर्ड और आईआईटी जोधपुर में अनुबंध

सामना संवाददाता / मुंबई
मप्र स्किल डेवलपमेंट एवं रोजगार जनरेशन बोर्ड एवं आईआईटी जोधपुर के बीच ‘साइबर सिक्योरिटी पाठ्यक्रम’ हेतु एक एमओयू साइन हुआ है। इस एमओयू के तहत बोर्ड के इंजीनियरिंग पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई के छात्रों को साइबर सिक्योरिटी की शिक्षा आईआईटी जोधपुर के माध्यम से मिलने का समझौता हुआ। इसके बाद इस कोर्स की फीस १३,४०० में से १०,००० रुपए बोर्ड के द्वारा वहन किए जाएंगे। इस संबंध में आईआईटी जोधपुर से विशेष रूप से पधारे संचालक शांतनु चौधरी ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से विद्यार्थी वर्तमान में अत्यधिक प्रासंगिक हो चुके साइबर सिक्योरिटी विषय पर आईआईटी जोधपुर के माध्यम से अपना डिप्लोमा पूर्ण कर सकेंगे और वर्तमान में सभी आईटी संस्थानों की आवश्यकता के अनुकूल पारंगत हो सकेंगे साथ ही उनके जॉब प्लेसमेंट में भी सुविधा होगी।

इस अवसर पर विशेष रूप से शैलेंद्र शर्मा (अध्यक्ष मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट एंड एंप्लॉयमेंट जेनरेशन बोर्ड), मनु श्रीवास्तव (अपर मुख्य सचिव, तकनीकी शिक्षा) उपस्थित थे। मनु श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एवं अध्यक्ष मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की उपस्थिति में आईआईटी जोधपुर के साथ भारत सरकार द्वारा प्रायोजित संकल्प योजना अंतर्गत ‘साइबर सिक्योरिटी’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर ऑनलाइन शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग हेतु अनुबंध किया गया।

साइबर सिक्योरिटी से संबंधित आ रही विकट समस्याएं जैसे – सिस्टम का हैक हो जाना, पासवर्ड डेटाबेस भूल जाना, फंडिंग सिस्टम में सुरक्षात्मक उपाय अपनाना, मेलवेल सॉफ्टवेयर अटैक, स्कूटी अटैक, स्ट्रक एनालाइजेशन, इंजीनियरिंग अटैक जैसे अनेक बिंदुओं पर पाठयक्रम के कंटेंट को चार मॉडल्स में तैयार किया गया है।

इस अवसर पर ग्लोबल स्किल पार्क सिटी सेंटर में उपस्थित गणमान्य शिक्षाविद आरजीपीवी के वाइस चांसलर गुप्ता, तकनीकी शिक्षा आयुक्त मदन नागरगोजे, मैनिट एन.आई.टी के डायरेक्टर शुक्ला, आईआईआईटी भोपाल के डायरेक्टर सहित अधिकांश शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक के प्राचार्य एवं एचओडी ऑनलाइन उपस्थित हुए। इस विषय पर हुई चर्चा में वर्तमान एवं भविष्य की साइबर सिक्योरिटी संबंधित चुनौतियों से निपटने के साथ शत प्रतिशत इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक के छात्रों को प्लेसमेंट का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा। डॉ दीपक सिंह तोमर (विभाग अध्यक्ष कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग मैनिट, भोपाल) ने साइबर सिक्योरिटी की ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट ग्रिड एवं रोबोटिक में आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

अत: यह पहल कंप्यूटर साइंस एवं आईटी के अलावा अन्य विषयों के विद्यार्थियों के लिए भी बहुत प्रभावशाली एवं उपयोगी होगी और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। इस कोर्स के द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी वर्चुअल लैब के द्वारा लीगल एनवायरमेंट में रीयल लाइफ समस्याओं को हल कर सकेंगे। इस कोर्स करने के पश्चात विद्यार्थी सीईआरटी का प्रमाण पत्र प्राप्त कर सिक्योरिटी ऑडिटर के रूप में भी कार्य कर सकते हैं।

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