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कैराना में भी होगी कमल की करारी हार!

-चंडीगढ़ मॉडल पर कांग्रेस-सपा में हुआ गठबंधन… भाजपा की सांसें फूली

सामना संवाददाता / लखनऊ

देशभर में लोकसभा चुनाव २०२४ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार का चुनाव `इंडिया’ गठबंधन और भाजपा के बीच लड़ा जाएगा। केंद्र की तानाशाही भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए `इंडिया’ ने कमर कस ली है। वैसे दिल्ली की सत्ता यूपी से होकर गुजरती है तो सबकी निगाहें यूपी पर हैं। पश्चिमी यूपी की हॉट सीट कैराना पर चंडीगढ़ मॉडल सपा-कांग्रेस की गठबंधन की जीत की पूरी उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि कैराना में कमल की हार निश्चित ही होगी।
दरअसल, पश्चिमी यूपी की महत्वपूर्ण कैराना लोकसभा सीट पर कांग्रेस-सपा ने गठबंधन कर जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। १७ लाख से अधिक मतों वाली इस सीट पर कांग्रेस-सपा दोनों दलों को उम्मीद है कि गठबंधन होने के कारण उन्हें मुस्लिमों के साथ-साथ अन्य वर्गों का भी वोट मिलेगा। इसके जरिए गठबंधन इस सीट पर जीत का ख्वाब देख रहा है। यही कारण है कि प्रत्याशी घोषित होने के बाद जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिया गया है।
यदि कैराना की बात की जाए तो वर्तमान में इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा से सांसद प्रदीप चौधरी इस सीट पर अभी काबिज हैं। लोकसभा से लेकर विधानसभा और अन्य चुनाव में कैराना सीट यूपी की हॉट सीट रही है। यही वजह है कि सपा और कांग्रेस ने पश्चिमी यूपी में मुस्लिम से लेकर जाट, हिंदू गुर्जर, सैनी, कश्यप, ठाकुर और अन्य वोटरों को साधने के लिए चुनावी राह पर एक साथ होने का निर्णय लिया है।
सपा और कांग्रेस को इस गठबंधन से उम्मीद है कि मुस्लिमों के साथ-साथ सभी वर्गों के वोट उन्हें मिलेंगे, जिसके जरिए इस पर भाजपा को हराकर जीत दर्ज की जा सकेगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी का मानना है कि कांग्रेस-सपा के गठबंधन के बाद पार्टी और भी अधिक मजबूत हुई है। मुस्लिमों के साथ-साथ प्रत्याशी को सभी वर्गों का मत मिलेगा। कांग्रेस सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है, जिसके कारण सभी वर्ग के लोग मत देंगे। घोषित प्रत्याशी को मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा।
इसके अलावा सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी का कहना है कि सपा के कार्यों से पहले ही लोग प्रभावित हैं। सपा के साथ हर वर्ग का वोट है। सपा सभी को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। रालोद-भाजपा गठबंधन के बाद जिले में सपा और भी अधिक मजबूत हुई है। प्रत्याशी को मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा। सभी वर्गों का वोट ही पार्टी की जीत का आधार है। सपा प्रत्याशी इकरा हसन का कहना है कि लोकसभा चुनाव जीतना ही प्राथमिकता है। पार्टी को सभी वर्गों का साथ मिल रहा है। मजबूती के साथ चुनाव लड़ा जाएगा, जिसकी तैयारी में वे पहले से ही जुटी हुई हैं।

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