मुख्यपृष्ठनए समाचारक्या बर्फ से वंचित होगा कश्मीर?

क्या बर्फ से वंचित होगा कश्मीर?

सुरेश एस डुग्गर / जम्मू

इस बार कश्मीर में सफेद क्रिसमस देखने को नहीं मिला। दरअसल, चिल्लेकलां की भयानक सर्दी वाली परिस्थितियों के बावजूद कश्मीर में भारी बर्फबारी कहीं नजर नहीं आ रही है। यूं तो इस बार पिछले महीने ही बर्फ गिरनी आरंभ हुई थी, पर वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान थी। यही कारण था कि सेना भी कम बर्फबारी के कारण परेशान हुई तो उसे एलओसी पर अपने सैनिकों की संख्या को बढ़ाना पड़ा था। पिछले एक सप्ताह से कश्मीर ही नहीं जम्मू भी भयानक सर्दी और जबरदस्त कोहरे से त्रस्त है, पर जबरदस्त बर्फ कहीं नजर नहीं आ रही है। ऐसे में फिर से यह सवाल पैदा हो गया है कि क्या कश्मीर एक बार फिर बर्फ से वंचित होगा? सवाल का जवाब कुछ अरसा पहले इस विषय पर की गई रिसर्च स्टडी चेतावनी दे चुकी है। हालांकि, मौसम विभाग कह रहा है कि इस बार कश्मीर में नववर्ष की पूर्वसंध्या पर बर्फबारी का इंतजार कर रहे लोगों को निराश भी होना पड़ सकता है, क्योंंकि वह भारी बर्फबारी को लेकर आशंकित है। मौसम विभाग और रिसर्च स्टडी इसके लिए ग्लोबल वार्मिंग को जिम्मेदार ठहराते हैं। कश्मीर के मौसम पर स्टडी कर रिपोर्ट तैयार करने वाले रिसर्च स्कालर अर्जिमंद तालिब हुसैन की रिपोर्ट एक छुपी हुई चेतावनी अरसा पहले ही दे चुकी है। यह चेतावनी कश्मीर से बर्फ के पूरी तरह से गायब हो जाने के प्रति है। हालांकि, मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि नववर्ष की पूर्वसंध्या पर प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, पर ३१ दिसंबर तक भारी बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अगले ३१ दिसंबर तक में मौसम शुष्क और कोहरे वाला बने रहने की संभावना है। ऐसे हालात के लिए तालिब हुसैन की रिसर्च कहती है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान बढ़ा है।

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