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फिर चुनाव आयोग के समक्ष जाएंगे, शिवसेना का पक्ष मजबूत! …राष्ट्रीय कार्यकारिणी के ७५ फीसदी से अधिक प्रतिनिधियों का शपथपत्र किया पेश

सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना पार्टी और चुनाव चिह्न धनुष-बाण को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष सुनवाई शुरू है। चुनाव आयोग की ओर से दिए गए निर्देश के अनुसार शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से शुक्रवार ७ अक्टूबर को शिवसेना पार्टी के संदर्भ में जरूरी सभी कागज-पत्र आयोग के समक्ष पेश किए गए। शिवसेना के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के ७५ प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधियों ने प्रतिज्ञा-पत्र पेश करते हुए आयोग में शिवसेना का पक्ष मजबूती से रखा। अंधेरी विधानसभा के उपचुनाव के संदर्भ में शिंदे गुट की ओर से दाखिल की गई याचिका पर शनिवार ८ अक्टूबर को चुनाव में सुनवाई होने की संभावना है।
शिवसेना से फूटकर गए बागी विधायकों की अपात्रता पर कार्रवाई और महाराष्ट्र सत्तासंघर्ष के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल याचिका पर निर्णय प्रलंबित है। लेकिन न्यायालय ने शिवसेना पक्ष और धनुष-बाण चिह्न के संदर्भ में केंद्रीय चुनाव आयोग के सामने मामले की कार्यवाही जारी रखने का निर्देश दिया है। इसलिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने शिवसेना पक्ष के संदर्भ में कागज-पत्र पेश करने का आदेश शिवसेना और शिंदे गुट को दिया था, जिसके अनुसार शिवसेना की ओर से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लगभग १८० मतलब ७५ प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधियों ने प्रतिज्ञा-पत्र एवं शिवसेना पक्ष और धनुष-बाण चिह्न के संदर्भ में आवश्यक सभी कागजात केंद्रीय चुनाव आयोग के समक्ष पेश किए गए। यह जानकारी शिवसेना सचिव सांसद अनिल देसाई ने दी।
१९८९ से धनुष-बाण चिह्न पर चुनाव
१९८९ से शिवसेना धनुष-बाण के निशान पर चुनाव लड़ती आ रही है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने धनुष-बाण चिह्न को अधिकृत रूप से शिवसेना को इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। पिछले ३३ वर्षों से धनुष-बाण चिह्न पर लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव शिवसेना लड़ती रही है। शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देश पर शिवसेना ने सभी कागज-पत्र आयोग को सौंप दिए हैं। शिवसेना एक पंजीकृत राजनीतिक पार्टी है। उसी के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व पदाधिकारी की ओर से सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए हैं।
शिंदे धनुष-बाण चिह्न पर दावा नहीं कर सकते
एकनाथ शिंदे और उनके साथ विधायक खुद पार्टी छोड़कर गए हैं। शिवसेना पार्टी से अपनी स्वेच्छा से शिंदे गुट के लोग बाहर गए हैं इसलिए शिवसेना पार्टी और चुनाव चिह्न जो धनुष-बाण है, उस पर शिंदे गुट दावा नहीं कर सकता है। ऐसा शिवसेना ने चुनाव आयोग के समक्ष प्रतिज्ञा-पत्र में कहा है।
शिवसेना में ११ लाख प्राथमिक सदस्य हैं
शिवसेना पार्टी के सदस्य पंजीकरण के अनुसार शिवसेना में ११ लाख से अधिक प्राथमिक सदस्य हैं। प्राथमिक सदस्य व पदाधिकारी के संदर्भ में जानकारी चुनाव आयोग ने जिस फॉर्मेट में मांगी थी, उसी फॉर्मेट में उन्हें जानकारी देने के साथ ही सभी जरूरी कागजात उपलब्ध कराए गए हैं।

आज क्या होगा?
शिंदे गुट की तरफ से अंधेरी के उपचुनाव के लिए धनुष-बाण चिह्न मिले, ऐसा दावा करने वाली याचिका चुनाव आयोग में दायर की गई है। शिंदे गुट के वकील चिराग शाह की तरफ से इस संदर्भ में दाखिल की गई याचिका को लेकर शनिवार ८ अक्टूबर को दोपहर २ बजे शिवसेना को पक्ष रखने की सूचना दी गई है। चुनाव चिह्न के संदर्भ में शिंदे गुट की ओर से किए गए दावों की जांच को लेकर शिवसेना को ४ तारीख को ही चुनाव आयोग ने पत्र भेजा था। ७ अक्टूबर को एक पत्र भेजकर चुनाव आयोग ने यह बताया है। शिवसेना की ओर से इस संदर्भ में उत्तर चुनाव आयोग के कार्यालय में पेश किया गया है। इसके आगे प्रत्यक्ष उपस्थिति होकर शनिवार को शिवसेना अपना पक्ष रखेगी।

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