मुख्यपृष्ठटॉप समाचारराज्य में उद्योग की बयार, मिलेगा रोजगार!-वित्त राज्यमंत्री शंभुराजे देसाई

राज्य में उद्योग की बयार, मिलेगा रोजगार!-वित्त राज्यमंत्री शंभुराजे देसाई

सामना संवाददाता / मुंबई । विपक्ष की ओर से सत्ता पक्ष के तीनों दलों में लकड़ी लगाने के प्रयास को निरर्थक बताते हुए वित्त राज्यमंत्री शंभुराजे देसाई ने कहा कि महाविकास आघाड़ी एक परिवार है। इस परिवार के मुखिया मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे हैं। उनके मार्गदर्शन में ही यह सरकार जनहित में बेहतर काम कर रही है। वे बुधवार को विधान परिषद में बजट पर चर्चा का जवाब दे रहे थे।
विपक्ष की खिंचाई करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष महाविकास आघाड़ी के घटक दल शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा के बीच लकड़ी लगाने का काम न करे। हमारे बीच जो भी है, हम समझेंगे यह हमारे घर का विषय है। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी ने तय किया है कि उद्धव ठाकरे जो कहेंगे, वही अंतिम निर्णय होगा। विपक्ष के लोग कितना भी झगड़ा लगाने का प्रयास करें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बजट में सभी का खयाल
शंभुराजे ने कहा कि सरकार ने इस वर्ष सामरिक बजट पेश किया है। सभी समूह, वर्ग, जाति और क्षेत्र के लोगों को ध्यान में रखकर यह बजट पेश किया गया है। वंचित घटकों के लिए पिछले वर्ष की तुलना में ३० प्रतिशत अधिक निधि आवंटित की गई है। मंदिर, धार्मिक स्थल, पर्यटन क्षेत्र, एयरपोर्ट, कौशल विभाग के लिए भी हमने भरपूर निधि आवंटित की है।
उद्योग की गाड़ी दौड़ेगी
राज्य में उद्योग की गाड़ी पूरी स्पीड से दौड़ रही है। बड़ी संख्या में राज्य में निवेश प्राप्त हुआ है। पिछले दो वर्षों में निवेश के लिए ९८ कंपनियों के साथ सामंजस्य करार कर कुल ४ लाख करोड़ रुपए का निवेश जुटाया गया है। शंभुराजे ने कहा कि इसलिए राज्य में इंडस्ट्रियल ग्रोथ का क्या हुआ? यह पूछने वाले विपक्ष को मै बताना चाहूंगा कि महाविकास आघाड़ी सरकार ने ९८ सामंजस्य करार किया है। इनमें से ५८ कंपनियों को कारखाना लगाने के लिए जमीन हस्तांतरित कर दी गई है। १५ को निजी जमीन दी जा रही है। बाकी के लिए प्रक्रिया शुरू है। मात्र ५ मामले हैं, जिन्हें होल्ड पर रखा गया है।
केंद्र के पास २४,५०० करोड़ जीएसटी बकाया
केंद्र के पास राज्य का २४,५०० करोड़ रुपए जीएसटी बकाया है। केंद्र सरकार के पास बकाया महाराष्ट्र की जीएसटी रकम मिलने से बहुत-सी समस्याएं आसानी से सुलझ जाएंगी। कई विकास परियोजनाओं को आर्थिक बल दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि देश की आमदनी में महाराष्ट्र का हिस्सा काफी बड़ा है। उसी प्रकार देश के विकास में भी महाराष्ट्र सर्वाधिक सहयोग कर रहा है।

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