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दादा समर्थक सुले के साथ! … भाजपाइयों की भौंहें तनी

सामना संवाददाता / मुंबई
राकांपा के विभाजन के ५२ दिन बाद सुप्रिया सुले ने अपने निर्वाचन क्षेत्र बारामती में प्रवेश किया। बारामती में अजीत पवार के कार्यकर्ताओं को सुप्रिया सुले के साथ देखा गया, जिससे भाजपाइयों की भौंहें तन गर्इं। इस मामले में जब सुप्रिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि पवार परिवार का अभिन्न अंग हैं। सुप्रिया सुले ने कहा कि बारामती मेरा घर और कर्मभूमि है। लोग मेरे साथ हैं। मेरा एक सामाजिक उद्देश्य है। मैंने तो पार्टी से सिर्फ टिकट मांगा है। एक सेवक के रूप में लोगों ने मुझे अवसर दिए। बारामती की आन-बान-शान दिल्ली की संसद में नंबर वन रहेगी। सुप्रिया सुले ने कहा कि राकांपा में विचारों का अंतर आ गया है, जो कुछ भी हो रहा है उसका पवार परिवार से कोई संबंध नहीं है। राकांपा, पवार परिवार नहीं है। यह कोई पारिवारिक मामला नहीं है। हम में से कुछ लोग महसूस करते हैं कि हमें दूसरी विचारधारा के साथ चलना चाहिए। यह व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि वैचारिक मतभेद है। उसके साथ कुछ भी गलत नहीं है। अजीत पवार का नाम लिए बिना सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि राकांपा में आज दूरियां नजर आ रही हैं। मैं नहीं कह सकती कि आगे क्या होगा, ये वैचारिक मतभेद हैं, मन के मतभेद नहीं।
दिल्ली में बारिश हो रही थी इसलिए व्यस्तता थी। मैं आज जो कुछ भी हूं, वह बारामती की वजह से हूं। सुप्रिया सुले ने आगे महंगाई को लेकर भी बात की और कहा, ‘हमने सरकार पर दबाव बनाया और अब सरकार महंगाई कम करने की कोशिश कर रही है। महंगाई कितनी कम होगी, ये ठीक-ठीक कह पाना संभव नहीं है।’ सुप्रिया सुले ने कहा कि ‘इंडिया’ अलायंस ने जो संसद में काम किया है, उससे महंगाई कम होगी।

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