मुख्यपृष्ठअपराधट्रेन में महिला हेड कांस्टेबल से दरिंदगी! ....अर्द्धनग्न अवस्था में ट्रेन में...

ट्रेन में महिला हेड कांस्टेबल से दरिंदगी! ….अर्द्धनग्न अवस्था में ट्रेन में मिली

• ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में भर्ती, हालत नाजुक
• ३६ घंटे बाद भी नहीं आया होश
• पखवाड़े भर से अयोध्या मेला ड्यूटी में थी, सुलतानपुर कोतवाली में तैनात महिला कांस्टेबल

विक्रम सिंह / सुलतानपुर

यूपी की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले शहर अयोध्या से आ रही एक सनसनीखेज खबर ने ‘योगी राज’ में क्राइम कंट्रोल के पुलिसिया दावे पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पड़ोसी जनपद सुलतानपुर से यहां सावन मेला की विशेष ड्यूटी में लगाई गई एक महिला हेड कांस्टेबल खून से तर-बतर व अर्द्धनग्न अवस्था में ट्रेन में मरणासन्न मिली है। हालत अत्यंत गंभीर देखकर उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां करीब ३६ घंटे तक चले इलाज के बाद भी उसे होश नहीं आ सका है। प्रथम दृष्टया महिला हेड कांस्टेबल के साथ दुष्कर्म की भी आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, राजकीय रेलवे पुलिस की अपर पुलिस अधीक्षक पूजा यादव को मामले की सघन जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
घटनाक्रम के अनुसार, अयोध्या में सावन झूला मेला परंपरागत रूप से पूरी धूमधाम से प्रतिवर्ष मनाया जाता है। जिसमें मेलार्थियों की व्यापक भीड़ को देखते हुए आस-पास के जिलों से भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इसी क्रम में सुलतानपुर नगर कोतवाली में तैनात एक वरिष्ठ महिला हेड कांस्टेबल की ड्यूटी भी गत १६ अगस्त से ३१ अगस्त तक के लिए अयोध्या में थी। इसी बीच बुधवार को मध्य रात्रि के बाद रोजाना की तरह मनकापुर (गोंडा) से सरयू एक्सप्रेस ट्रेन ३.४० बजे जब अयोध्या स्टेशन पहुंची तो एक खाली बोगी में ये महिला कांस्टेबल यात्री सीट के नीचे अस्त-व्यस्त वर्दी में अर्द्धनग्न सी हो चुकी खून से लथपथ बेहोशी की हालत में सहायता के लिए कराहती मिली। उसके कपड़े कई जगह से फटे थे और शरीर पर कई जगह जख्म के निशान थे। अयोध्या रेलवे स्टेशन पर उसे गंभीर स्थिति में जीआरपी सिपाहियों ने उतारा और उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
कई सवाल अनुत्तरित, शक की सुई साथी कर्मियों पर भी!
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हेड कांस्टेबल अविवाहित थी और सुलतानपुर में अकेले ही अपने रूम में रहती थी। वह सुलतानपुर से सरयू एक्सप्रेस के द्वारा अयोध्या आ रही थी, लेकिन वह अयोध्या से आगे गोंडा जिले के मनकापुर तक कैसे पहुंची? उसकी यह स्थिति कैसे हुई? उसके साथ दरअसल हुआ क्या? महिला हेड कांस्टेबल की मौत के बाद अब इन सवालों के जबान मिलने की उम्मीद भी अब निष्पक्ष जांच से ही संभव है। कहा यह भी जा रहा है कि उसके मूल गृह जनपद प्रयागराज से भी इस घटना का ताल्लुक होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस बाबत महिला कांस्टेबल के किसी पारिवारिक विवाद का भी जिक्र किया जा रहा है। वारदात को लेकर जीआरपीकर्मियों की भी भूमिका संदिग्ध है।

अन्य समाचार