मुख्यपृष्ठग्लैमर‘महिलाएं मुझे बहुत चाहती हैं!’ : विजय देवरकोंडा

‘महिलाएं मुझे बहुत चाहती हैं!’ : विजय देवरकोंडा

हैदराबाद में जन्मे और साउथ के लोकप्रिय स्टार मृदुभाषी, हैंडसम विजय देवरकोंडा ने २०१७ में फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ से अपनी पहचान बॉलीवुड में बनाई। करण जौहर-पुरी जगन्नाथ के निर्माण और पुरी जगन्नाथ के निर्देशन में बन रही एक्शन और रोमांस से भरपूर फिल्म ‘लाइगर’ हिंदी के साथ छह भाषाओं में बन रही है। पेश है, विजय देवरकोंडा से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

  • फिल्म ‘लाइगर’ के प्रमोशन के लिए आप पहली बार मुंबई आए। मुंबई आपको कैसी लगी?
    आज से पांच-छह वर्ष पूर्व मैं वीजा के काम से मुंबई आया था। उस दौर में मैं छोटे-मोटे रोल किया करता था और मेरे एकाउंट में ज्यादा पैसे भी नहीं थे। एकाउंट में ज्यादा पैसे न होने के कारण मेरा वीजा रिजेक्ट हो गया। उस वक्त जब मैं मुंबई आया था तो गर्मी के कारण मुझे मुंबई अच्छी नहीं लगी लेकिन जब मैं ‘लाइगर’ की शूटिंग के लिए यहां आया तो मुझे मुंबई सुहानी लगी। अब मुंबई में मेरे बहुत से दोस्त बन गए हैं, तब मैं अकेलापन महसूस करता था इस वजह से भी मुझे मुंबई पसंद नहीं आयी थी।
  • अब तो आप पैन इंडियन स्टार बन चुके हैं?
    मुंबईवासियों का प्यार पाकर मुझे अच्छा लगा। पिछले दिनों वाशी के एक मॉल में फिल्म के प्रमोशनल इवेंट में दर्शकों की बेकाबू भीड़ मेरा नाम लेते हुए चिल्ला रही थी। ऐसा प्यार पाकर मैं अभिभूत हुआ। बिहार और पटना में भी मुझे बहुत प्यार मिला। मुझे भरोसा है कि फिल्म ‘लाइगर’ सभी को पसंद आएगी।
  • आप पर लड़कियां कुछ ज्यादा ही मर मिटी हैं?
    महिला वर्ग मुझे बेहद चाहता है, ये बात तो सच है। मुझे लगता है मेरी फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ और ‘गीता गोविंदम’ से मेरी फीमेल फैन  फॉलोइंग में और इजाफा हुआ।
  • क्या कभी आपको किसी महिला फैन ने शादी के लिए प्रपोज किया?
    ऐसे अनुभव सिर्फ मुझे ही नहीं, दर्जनों स्टार्स को आए होंगे। इस मामले में मैं अकेला नहीं हूं। जहां तक लड़कियों द्वारा मुझे प्रपोज करने की बात है मैं अपने स्कूली दिनों से ही शर्मीला रहा हूं। मैं लड़कियों से बात करने से भी घबराता था। मैंने लड़कियों का अटेंशन कभी नहीं चाहा। वैसे मैं चाहता हूं कि भविष्य में अगर मैं प्यार-मोहब्बत करूं तो मेरा प्राइवेट और प्रोफेशल दोनों जीवन अलग हो।
  • आपके जीवन में महिलाओं के क्या मायने हैं?
    मेरा जीवन मेरी मां के उल्लेख के बिना पूरा नहीं हो सकता। मैं अपनी मां और नानी के बेहद करीब हूं। मैंने अपने जीवन में अपनी मां और नानी से बहुत कुछ सीखा। मुश्किल घड़ियों में धीरज, शांति और संयम से जीवन जीना मैंने इनसे ही सीखा।
  • स्टारडम को मेंटेन करना क्या आपको आसान लगता है?
    वही तो मैं कह रहा था कि मेरी नानी और मां ने मुझे शांति, धीरज और सादगी से जीवन जीना सिखाया। स्टारडम मेरे साथ हमेशा नहीं रहेगा। वैसे तो सूरज हजारों बरस से हमें रोशनी दे रहा है। चांद-सितारे सब अपनी जगह पर हैं। क्या ये सब अपने काम को मेंटेन कर रहे हैं? ये अपने कर्तव्य के आदी हैं, ऐसा मुझे बताया और सिखाया गया है। आज जो लोकप्रियता मुझे मिल रही है, मैं उन पलों को एन्जॉय करना चाहता हूं। कल किसने देखा है?
  • फिल्म ‘लाइगर’ में अनन्या पांडे के साथ काम करने का अनुभव कैसा  रहा?
    अनन्या बहुत हंसमुख है और मुंबई की होने के नाते बातचीत के दौरान वो मुझे मुंबई की विशेषताएं बताया करती थी। बहुत स्पॉन्टेनियस है वो और ये उसका एक अलग गुण है।
  • क्या इस फिल्म के लिए आपको फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन की जरूरत पड़ी?
    ‘लाइगर’ में काम करना मेरे लिए बेहद चैलेंजिंग भरा रहा। बहुत ज्यादा मस्क्यूलर बॉडी दिखाने की जरूरत थी। जिम जाने के लिए जब वक्त नहीं मिलता तो मैं घर पर ही व्यायाम करता हूं। अनुशासन के साथ ही जीवन बिताने में यकीन करता हूं।

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