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अन्याय के खिलाफ महिलाएं सड़कों पर उतरें …मुकदमों से न डरें! …शरद पवार का महिला कार्यकर्ताओं से आह्वान

सामना संवाददाता / मुंबई
अगर आपको समाज में कुछ भी गलत दिखे, अन्याय हो रहा हो तो सड़कों पर उतरें, ऐसा आह्वान्कल राष्ट्रवादी कांग्रेस अध्यक्ष शरद पवार ने किया। अगर मणिपुर जैसी घटनाएं होती हैं तो महिलाओं को सड़कों पर उतरना ही होगा। सरकार मुकदमा करेगी, लेकिन घबराएं नहीं। सरकार बदलने के बाद हम मुकदमों को वापस ले लेंगे, ऐसा भी शरद पवार ने कहा। हम महिला आरक्षण और महंगाई जैसे मुद्दों पर कार्यक्रम करेंगे, ऐसा भी उन्होंने कहा।
सरकारी स्कूलों को बंद करने का विरोध
अब स्कूलों को समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। सावित्रीबाई फुले ने विरोध के बावजूद स्कूल शुरू किया और अब स्कूल बंद करना ठीक नहीं है। अब जब ऐसा हो रहा है और आप चुप बैठे हैं तो यह ठीक नहीं है, ऐसा भी शरद पवार ने कहा।
एक तरफ सरकारी नौकरियां नहीं हैं और दूसरी तरफ बड़ी संख्या में रिक्त पद हैं, इसके बाद भी सरकार पदों पर कॉन्ट्रैक्ट नियुक्तियां कर रही है तो यह उचित नहीं है, ऐसा शरद पवार ने कहा। सरकारी नौकरी से परिवार स्वस्थ रहता है, लेकिन कॉन्ट्रेक्ट पद पर नियुक्ति होने पर कोई आरक्षण नहीं होता है। जाहिर सी बात है, वहां महिलाओं को मौका नहीं मिलेगा। इसलिए हमें सड़कों पर आना होगा, ऐसा भी पवार ने कार्यकर्ताओं से कहा।
स्कूल में गौतमी पाटील का कार्यक्रम
शरद पवार ने स्कूल को निजी कंपनी को देने के सरकार के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि गोद लिए गए विद्यालय का उपयोग कंपनी द्वारा किया जा सकता है। नासिक जिले के एक स्कूल को एक शराब कंपनी को दे दिया गया और उन्होंने उस स्कूल के मैदान में गौतमी पाटील का कार्यक्रम आयोजित किया, ऐसा उदाहरण भी शरद पवार ने दिया।

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