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महिला आरक्षण मतलब बिना तारीख का चेक! … सुप्रिया सुले का मोदी सरकार पर तंज

सामना संवाददाता / मुंबई
लोकसभा और देश की सभी विधानसभाओं में महिलाओं को ३३ फीसदी आरक्षण देनेवाला महिला आरक्षण बिल, नारी शक्ति वंदन कानून संसद के दोनों सदनों में पास हो गया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस बात की कोई तारीख स्पष्ट नहीं की है कि यह आरक्षण कब लागू किया जाएगा। महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सरकार को कई चीजें पूरी करनी होंगी। देश की जनगणना, निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन, आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों का चयन जैसे कई चरणों से गुजरने के बाद महिला आरक्षण लागू किया जाएगा। यह नहीं बताया जा सकता कि इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने में कितने साल लगेंगे।
सुप्रिया सुले ने कहा कि अफसोस सिर्फ इस बात का है कि केंद्र सरकार ने हमें (महिला) आरक्षण देने का फैसला किया है, लेकिन उसने ऐसा चेक दिया है जिस पर कोई तारीख नहीं है। यह आरक्षण २०२९ में मिलेगा, २०३४ में मिलेगा या कब मिलेगा यह निश्चित नहीं है।

‘२०३४ तक आरक्षण नहीं आएगा’
महिला आरक्षण बिल संसद में पास हो चुका है, लेकिन ये आरक्षण २०३४ के लोकसभा चुनाव से पहले लागू नहीं होगा। आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यह बिल लाने का आरोप पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने मोदी सरकार पर लगाया है।

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