मुख्यपृष्ठसमाचारनहीं होंगे बेरोजगार! ...मनपा ने कोविड कर्मचारियों के लिए की वैकल्पिक व्यवस्था

नहीं होंगे बेरोजगार! …मनपा ने कोविड कर्मचारियों के लिए की वैकल्पिक व्यवस्था

सामना संवाददाता / ठाणे । कोरोना की तीसरी लहर थमने के बाद कुछ कोविड अस्पतालों को बंद कर दिया गया है। उन कोविड अस्पतालों में काम करनेवाले कर्मचारी बेरोजगार न हों इसलिए मनपा ने उन कर्मचारियों को अन्य विभागों में शामिल कर लिया है। मनपा के इस निर्णय से जो हजारों कोविड कर्मचारी बेरोजगार होनेवाले थे, वे अब बेरोजगार नहीं होंगे।
बता दें कि कोरोना काल में कोविड अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों की कमी महसूस की गई थी। कुछ कर्मचारियों ने तो कोविड के डर से अपना काम ही छोड़ दिया था। उस समय अपनी जान खतरे में डालकर इन कोविड कर्मचारियों ने लोगों की जान बचाई थी। अब कोरोना की तीसरी लहर समाप्त होते ही उन्हें काम से निकाल देना यह उनके साथ अन्याय होगा। कोविड कर्मचारी बेरोजगार न हों इसलिए उन्हें मनपा के अन्य विभागों में शामिल कर लिया गया है। ठाणे मनपा उपायुक्त मनीष जोशी ने बताया कि यह एक उचित निणर्य है। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को लाभ हुआ है। उन्हें रोजगार देने का कार्य मनपा ने किया है।
शिवसेना ने कर दिखाया
कुछ मांगों को लेकर शिवसेना प्रतिनिधिमंडल सहित पूर्व महापौर नरेश म्हस्के ने मनपा आयुक्त डॉ. बिपिन शर्मा से मुलाकात की और कर्मचारियों को बेरोजगार न करने की मांग की थी। इसी के तहत ठाणे मनपा के अन्य विभागों में कोविड कर्मचारियों को शामिल कर लिया गया है।
८३४ को मिला रोजगार
मनपा द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, कुल ८३४ कर्मचारियों को अन्य विभागों में शामिल किया गया है, जिसमें से १२५ कर्मचारियों को स्वच्छता अभियान में और अन्य ७०९ कर्मचारियों को स्वास्थ्य केंद्रों, कब्रिस्तानों, शहर की सफाई व अन्य स्थानों पर कार्यरत किया गया है।

अन्य समाचार