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वर्ल्ड हार्ट डे विशेष : घातक है अचानक कार्डियक अरेस्ट … बचने का चांस १० फीसदी से भी कम!

सीपीआर का होता है अहम रोल
सामना संवाददाता / मुंबई
घातक कार्डियक अरेस्ट यदि अचानक किसी व्यक्ति को आता है तो उसके जिंदा बचने की उम्मीद १० फीसदी से भी कम होती है। आपात अवस्था में तत्काल मौके पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकता है। इस अवस्था में सीपीआर बहुत अहम रोल निभाता है। सीपीआर और एईडी से जीवित रहने के दर को १० से ७० फीसदी तक सुधारा जा सकता है। ऐसे में कार्डियक अरेस्ट आने पर मरीज की जान बचाने के लिए लोगों को सीपीआर के बारे में जानकारी रखना काफी जरूरी है। यह जानकारी हैदराबाद मेडिकवर अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार हृदय रोग विशेषज्ञ व इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉ. कुमार नारायणन ने दी।
उल्लेखनीय है कि लैसेंट कमीशन के अनुसार, हिंदुस्थान में हर साल करीब पांच से छह लाख लोगों की कार्डियक अरेस्ट (एससीडी) के कारण मौत हो रही है। इनमें ज्यादातर ५० साल से कम उम्र के लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इसे ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर मेडिकवर अस्पताल ने सीपीआर प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। अभियान की जानकारी देते हुए बताया गया कि कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जो किसी व्यक्ति की सांस अथवा दिल के रुकने पर उसकी जान बचाने में मदद कर सकती है। इससे कार्डियक अरेस्ट और सांस न ले पाने जैसी आपात स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
राष्ट्रव्यापी हार्ट सेवर्स अभियान शुरू
मरीज की जान बचाने के उद्देश से अस्पताल ने राष्ट्रव्यापी हार्ट सेवर्स:सीपीआर प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए अस्पताल के कार्यकारी निदेशक डॉ. शरथ रेड्डी ने कहा कि कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन एक आपातकालीन जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसे तब दिया जाता है जब दिल धड़कना बंद कर देता है। सीपीआर का लक्ष्य यांत्रिक रूप से छाती पर दबाव डालकर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त संचार को बनाए रखना है। कार्डियक अरेस्ट आने पर समय रहते सीपीआर दिया जाए तो मरीज के जीवित रहने की संभावना को ५ से १० गुना तक बढ़ा सकता है।
३०,००० से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
डॉ. सतीश कुमार कैलाशम ने कहा कि मेरे मार्गदर्शन में पूरे हिंदुस्थान में ३०,००० से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. अनिल कृष्ण ने कहा कि सीपीआर के बारे में जानना काफी महत्वपूर्ण है। इस अभियान को हम चरणबद्ध तरीके से चलाएंगे। सबसे पहले इसे मेडिकवर नेटवर्क के सभी २८ अस्पतालों में शुरू किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में नामांकन के लिए स्वयंसेवकों के लिए मेडिकवर वेबसाइट पर एक समर्पित लिंक बनाया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें एक प्रमाणपत्र प्राप्त दिया जाएगा।

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