मुख्यपृष्ठनए समाचारवर्ली बीडीडी चाल का नाम होगा शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे नगर...गृहनिर्माण मंत्री आव्हाड...

वर्ली बीडीडी चाल का नाम होगा शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे नगर…गृहनिर्माण मंत्री आव्हाड की घोषणा

 अन्य दो चालों को मिलेगा शरद पवार और राजीव गांधी का नाम
 तीन माह में शुरू होगी कमाठीपुरा की विकास परियोजना
सामना संवाददाता / मुंबई। काफी अरसे से लंबित बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना आखिरकार महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में शुरू कर दी गई है। अब सौ साल पुरानी बीडीडी चाल को नया नाम दिया जाएगा। वर्ली स्थित बीडीडी चाल को शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे नगर, नायगांव स्थित बीडीडी चाल को शरद पवार नगर और एनएम जोशी मार्ग स्थित बीडीडी चाल को राजीव गांधी नगर नाम दिया जाएगा। इसी तरह गोरेगांव स्थित पत्राचाल पुनर्विकास परियोजना को सिद्धार्थनगर के नाम से जाना जाएगा। कमाठीपुरा में अगले तीन महीने के भीतर पुनर्विकास परियोजना की शुरुआत हो जाएगी। साथ ही जोगेश्वरी-पश्चिम में विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की घोषणा कल विधानसभा में गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने की।
सदन में नियम २९३ के तहत हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि कमाठीपुरा में २०० से ३०० साल पुराने छोटे-छोटे घर हैं। ब्रिटिश काल में यहां तेलगांना से कमाठी लोगों को लाकर बसाया गया था। इन लोगों ने मुंबई के निर्माण कार्य में बहुत बड़ा योगदान दिया। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई मनपा और अन्य गॉथिक स्ट्रक्चर की इमारतों के निर्माण में कमाठी लोगों ने बड़ा योगदान दिया है। कमाठीपुरा के विकास का काम अगले तीन माह में शुरू किया जाएगा। यहां म्हाडा नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी। म्हाडा ओल्ड एज होम का निर्माण करने पर विचार कर रही है। पालघर में हमने २० एकड़ जगह देखी है। वहां के कलेक्टर से जमीन के बारे में बातचीत चल रही है। यह सरकार की तरफ से बनने वाला पहला ओल्ड एज होम होगा। जोगेश्वरी-पश्चिम में एक अस्पताल का भूखंड है, वहां विश्वस्तरीय अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। म्हाडा की इमारत ५२ साल पुरानी हो चुकी है, इसका पुनर्विकास कर वहां एक आइकोनिक इमारत बनाई जाएगी। साथ ही लीलावती अस्पताल के बगल में विश्व स्तरीय वेटरनिटी अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।
डिफॉल्टर बिल्डरों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि कई बिल्डर एसआरए योजनाओं को अधूरा छोड़कर भाग गए। जिन बिल्डरों ने लोगों को फंसाया और लूटा उनके खिलाफ धारा ४२० के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले टेनेंट और बिल्डरों के बीच एग्रीमेंट होता था, अब बिल्डर, टेनेंट और म्हाडा के बीच एग्रीमेंट होगा। उन्होंने कहा कि मिल्लत नगर-उमरखाड़ी का विकास भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई महिला सदस्यों ने मुंबई में कामकाजी महिलाओं के लिए वूमन हॉस्टल बनाने की मांग की है। ताड़देव ट्रांजिक्ट वैंâप की जमीन पर ९२८ महिलाओं के रहनेवाला ३२ करोड़ रुपए की लागत से हॉस्टल बनाया जाएगा। देशभर से कैंसर का इलाज कराने मरीज टाटा मेमोरियल अस्पताल में आते हैं। टाटा वैंâसर अस्पताल में इलाज के लिए आनेवाले मरीजों के रिश्तेदारों के लिए मुंबई डाइंग एरिया में १०० घर बनाए गए हैं।

अन्य समाचार