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सावन का महीना आ गया बरसे जल चहुंओर…

महादेव की पूजा से मिलता है मनचाहा वरदान
हिंदुस्थान में झमाझम बारिश शुरू है। साथ ही आज हिंदू धर्म का पवित्र महीना सावन शुरू हो गया है। सावन महीने के आने के साथ ही चहुंओर जल बरस रहे हैं। इस महीने में भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा भक्तों पर बरसती है। भोलेनाथ की साधना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शिव की पूजा के अलावा इस महीने को लेकर कुछ खास नियम भी हैं। जिनका पालन जरूर करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में सच्चे मन से महादेव की पूजा करने से अवश्य ही विशेष फलों का प्राप्ति होती है।
हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद ही पवित्र और शुभ माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त सावन माह में शिव जी की पूजा-अर्चना करते हैं, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इस साल सावन माह १४ जुलाई २०२२ से शुरू हो रहा है जो १२ अगस्त २०२२ तक चलेगा। ऐसे में ज्योतिष की मानें तो मनोकामना पूर्ति के लिए आपको कुछ खास उपाय करने चाहिए। तो आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए करें ये उपाय
अगर आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां हो रही हैं तो ऐसे में इनसे जुड़ी परेशानियां दूर करने के लिए सावन सोमवार को साफ मिट्टी से शिवलिंग बनाएं। उसके बाद इस पर केसर या हल्दी मिश्रित दूध चढ़ाएं। कहा जाता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है।
धन लाभ के लिए करें ये उपाय
मान्यता है कि सावन माह में शिवलिंग पर केसर चढ़ाने या केसर मिश्रित जल अर्पित करने से घर में सुख एवं समृद्धि आती है। इसके साथ ही धन का आगमन होता है। इसके अलावा जीवन से दरिद्रता भी चली जाती है।
अपनी इच्छा पूर्ति के लिए करें उपाय
सावन माह में प्रतिदिन जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ-सुथरे कपड़े धारण करें। उसके बाद भगवान की पूजा करें। पूजा के दौरान जल में काला तिल डालकर अर्पित करें। कहा जाता है कि ऐसा करने से शिवजी की कृपा से मनोकामना पूरी होती है।
परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए करें ये उपाय
मान्यता है कि भगवान शिव को दही बेहद प्रिय है। ऐसे में सावन माह में भोलेनाथ को दही चढ़ाने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर हो सकती हैं।
पूजा की पसंदीदा वस्तुएं
भगवान भोलेनाथ को धतूरा, बेलपत्र, भांग, इत्र, चंदन, केसर, अक्षत, शक्कर, गंगाजल, शहद, दही, घी, गन्ना और फूल बेहद पसंद है। इसके अलावा शिवजी को आक का लाल-सफेद फूल भी बेहद प्रिय है। ऐसे में सावन माह में इन सभी चीजों को चढ़ाने से शिवजी अपने भक्तों पर खूब प्रसन्न होते हैं।

पूजा व मुहूर्त
सावन १४ जुलाई २०२२ से शुरू
पहला सावन सोमवार- १८ जुलाई २०२२
दूसरा सावन सोमवार- २५ जुलाई २०२२
तीसरा सावन सोमवार- १ अगस्त २०२२
चौथा सावन सोमवार- ८ अगस्त २०२२
ब्रह्म मुहूर्त- ०४:११एएम से ०४:५२ एएम तक
अभिजित मुहूर्त- ११:५९एएम से १२:५४पीएम तक
अमृत काल मुहूर्त- ०२:४५पीएम से ०३:४०पीएम तक
गोधूलि मुहूर्त- ०७:०७ पीएम से ०७:३१

सावन के पहले दिन शिव जी की पूजा विधि
सावन के पहले दिन सूर्योदय से पहले स्नानादि से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण करें। सफेद रंग शिव जी को प्रिय है, ऐसे में सफेद रंग के कपड़े पहनना चाहिए। पूजा स्थान पर साफ-सफाई कर भगवान शिव का जलाभिषेक करें। जलाभिषेक के लिए जल में कच्चा दूध और थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। शिव की प्रिय वस्तु पुष्प, बेलपत्र, धतूरा, शक्कर, घी, दही, शहद, सफेद चंदन, कपूर, अक्षत, पंचामृत, शमी पत्र आदि शिवलिंग पर अर्पित करें। भगवान भोलेनाथ की पूजा के साथ मां पार्वती की भी पूजा करें। धूप, दीप, भोग लगाकर महादेव का ध्यान करें। शिव चालीसा का पाठ, ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें और फिर शिव जी की आरती करें और अंत में प्रसाद वितरण करें।

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