मुख्यपृष्ठसमाचारमुख्तार अंसारी पर फिर कसा योगी सरकार का शिकंजा!

मुख्तार अंसारी पर फिर कसा योगी सरकार का शिकंजा!

• खुले पत्नी अफशां व सालों के खिलाफ अवैध कब्जे के नए मामले
• गाजीपुर पुलिस ने चस्पा की नोटिस
विक्रम सिंह / गाजीपुर। यूपी की सत्ता में वापसी के साथ ही एक बार फिर योगी सरकार ने माफिया मुख्तार अंसारी व उसके परिवार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिसके चलते गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां अंसारी और सालों की मुसीबतें फिर से बढ़ने लगी हैं। नंदगंज थाने के फतेउल्लाहपुर में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर गोदाम बनाने के मामले में पुलिस तीनों को तलब किया है। विवेचक के समक्ष प्रस्तुत नहीं होने और बयान नहीं दर्ज कराने के आरोप में मुख्तार के सहयोगियों को भी बयान देने के लिए बुलाया गया है।

मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी, साले आतिफ रजा व अनवर सज्जाद ने सहयोगियों के साथ मिलकर नंदगंज के फतेउल्लाहपुर में गोदाम बनाने में सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कर लिया था। प्रशासनिक टीम ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया था। इसके बाद तालाब पर बने सार्वजनिक रास्ते को भी खोदकर तालाब की भूमि को पूरा किया। मामले में नंदगंज के दर्जी मोहल्ले की अफ्शा अंसारी, महरूपुर के मुख्तार अंसारी के साले आतिफ रजा व अनवर सहजाद तथा उनके सहयोगी डोमनपुरा के रवींद्र नारायण सिन्हा के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जांच कार्य शुरू किया गया। विवेचक ने पर्चा काटकर कोर्ट में दाखिल कर दिया, बताया कि आरोपियों ने विवेचक के तमाम प्रयास के बावजूद अपना बयान दर्ज नहीं कराया। रविवार को पुलिस ने अवैध कब्जे के मामले में बयान देने के लिए मुख्तार की पत्नी समेत सभी आराेपियों नोटिस भेजने की कार्रवाई की। विवेचक थानाध्यक्ष नंदगंज पुलिस बल के साथ आरोपियों के आवास पर पहुंचे। आरोपियों के नहीं मिलने पर कोर्ट का नोटिस चस्पा किया। पुलिस रवींद्र नारायण सिन्हा के डोमनपुरा आवास पर भी पहुंची और कोर्ट नोटिस तामिल कराया गया। नंदगंज थानाध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले के आरोपियों को बयान के लिए कई बार बुलाया गया लेकिन वे नहीं पहुंचे। अब उन्हें नोटिस देकर ३० मार्च को विवेचक के समक्ष प्रस्तुत होकर बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

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