मुख्यपृष्ठनए समाचारयोगीराज २.०.... एक माह में अपराध से थर्राया यूपी!

योगीराज २.०…. एक माह में अपराध से थर्राया यूपी!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ । प. बंगाल और महाराष्ट्र जैसे दूसरे गैरभाजपाई सरकार वाले राज्यों में खुद कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का षडयंत्र रचने के बाद राज्य सरकार को बरखास्त करने की मांग भाजपा के लोग करते रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल के पहले एक माह के कार्यकाल में यूपी आपराधिक वारदातों से थर्राने लगी है। कल गोरखपुर में एक ही परिवार के तीन लोगों की जघन्य हत्या कर दी गई तो वहीं मेरठ में संपत्ति विवाद में एक युवक को उसी के परिजनों ने चाकू से गोंद कर सरेआम मौत के घाट उतार दिया।  लगातार घट रही संगीन आपराधिक घटनाओं से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। राज्य में कानून के रखवाले ही सुरक्षित नहीं रह गए हैं। राज्य के किसी एक जिले में हुई सर्वाधिक हत्याओं का कीर्तिमान तीर्थराज प्रयागराज में बना है तो वहीं बदले की भावना से चलने वाले बुल्डोजर का कारनामा सुर्खियों में रहा। बलिया में पेपर आउट करने की खबर ब्रेक करने वाले तीन पत्रकारों को जेल भेजा गया, लेकिन आज उनकी रिहाई से पत्रकारिता जिंदाबाद हो गई। लेकिन कानपुर में पत्रकार को लेकर पुलिस के दमन का शर्मनाक इतिहास बना। स्थानीय चैनल के पत्रकार को नंगा करके उसका आई कार्ड उसके गले में टांग कर फोटो वायरल कर दिया। बुलंदशहर में पुलिस ने साधु को नंगा करके तलाशी लिया, जिसमें सबसे शर्मनाक बात यह थी कि जिस राज्य का मुखिया साधु हो उस राज्य की पुलिस साधु के कपड़े उतरवा देती है।
बता दें कि यूपी में विविध अपराधों के फेहरिस्त काफी लंबी है। सहारनपुर में शोहदों ने एक युवती की आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर डाल दी, दु:खी होकर युवती ने आत्महत्या कर ली। बांदा जिले में गांव के युवक की हरकतों से आजिज आकर इंटर की छात्रा घर में फांसी पर झूल गई। शव के पास दो पृष्ठ का सुसाइड नोट मिला है।
इसमें छात्रा ने एक युवक का नाम उजागर करते हुए उसकी हरकतों और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आत्महत्या करना बताया है। लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार अब तक क्या कदम उठाई इसका पता नहीं चला। १ अप्रैल को महोबा में युवती ने आत्महत्या किया। आगरा में सरेआम लड़की को अगवा कर लिया गया, तो मेरठ के इंजीनियरिंग कॉलेज में भरी दोपहरी एक छात्र की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। अपराध का ये सिलसिला यहीं नहीं थमा, बल्कि दिन-ब-दिन वारदातों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। संभल में छात्र का अपहरण किया गया। २४ अप्रैल को बस्ती में नाबालिग का अपहरण कर ५० लाख की फिरौती मांगी जा रही है। मुजफ्फरनगर में युवक की बीच सड़क गोली मारकर हत्या की गई। कासगंज में काली नदी में महिला का तैरता शव बरामद किया गया। हमीरपुर में प्रेम-प्रसंग में युवक की हत्या कर दी गई तो वहीं पति ने पत्नी के प्रेमी को मौत के घाट उतार दिया। सहारनपुर में १५ साल के बच्चे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुरादाबाद में ऑनर किलिंग के मामले में पिता-पुत्र ने बेटी की हत्या कर दी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरित्र और राममंदिर को लेकर चर्चा में रहने वाली अयोध्या योगीराज में दुराचार को लेकर कलंकित हुई। इसी बीच विधानसभा चुनाव और हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी चुनाव (स्थानीय निकाय परिक्षेत्र) परिणामों को लेकर विरोधियों पर बुल्डोजर चलाने का आरोप लगा है। इस संदर्भ में सपा नेता राजकपूर यादव ने कहा कि भाजपा अपने विरोधी विचार धारा के लोगों पर जबरन बुल्डोजर चलवा रही है। उन्होंने बताया कि वैâराना से जीते सपा विधायक नाहिद हसन और उनके चाचा के मकान को बुल्डोजर से रौंदा गया। बरेली के सपा विधायक शहजुल इस्लाम के पेट्रोलपंप पर बुल्डोजर चढ़ाया गया। स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ सपा में जाने वाले भाजपा सरकार के मंत्री धर्म सिंह के करीबियों पर सहारनपुर में बुल्डोजर गरज रहा है। इसके पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के गाजीपुर, मऊ, वाराणसी और लखनऊ स्थित संपत्तियों पर बुल्डोजर चला। पूर्व सांसद अतीक अहमद के प्रयागराज स्थित एम्पायर पर बुल्डोजर चला। भाजपा गठबंधन से अलग होने वाले भदोही के पूर्व विधायक विजय मिश्र भी बुल्डोजर का निशाना बन चुके हैं। दस बार के विधायक पूर्व मंत्री आजमखान जेल में अपमानित हो रहे हैं। उनसे मिल कर लौटे प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने बताया कि आजमखान बहुत बीमार हैं। पिछले ५ वर्षों में योगी सरकार की कुदृष्टि से आजमखान का ड्रीम प्रॉजेक्ट ‘रामपुर का मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय’ सरकारी प्रतिशोध की प्रयोगशाला बन गया है। लखनऊ में बसपा के बड़े मुस्लिम नेता का अपार्टमेंट ढहाया गया। अमेठी और एटा में विभिन्न कारणों से पुलिस कर्मियों ने आत्महत्या कर ली। इस बीच प्रदेश में शायद ही कोई जिला हो जहां हत्या नहीं हुई है।
योगी पार्ट-२ में गाजीपुर और गाजियाबाद में अपराधियों ने पेट्रोल पंप कर्मियों और बैंक को लूटा है। गाजीपुर में पिता-पुत्र की दोहरी हत्या भी हुई। शाहजहांपुर, हरदोई, लखीमपुर, लखनऊ, गोंडा, मेरठ, मुरादाबाद जिले सुर्खियों में रहे। शायद ही प्रदेश का कोई मंडल हत्या और महिलाओं के उत्पीड़न से बच पाया है। इस बीच सपा मुखिया अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी सरकार को बुरी तरह घेरा, लेकिन हर बार कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बस ‘ढाक के तीन पात’
आंकड़े क्या कहते हैं?
राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक साल २०२१ में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश से रिपोर्ट हुए, जो कुल शिकायतों का आधा से ज्यादा का आंकड़ा है। आयोग की हालिया जारी रिपोर्ट के अनुसार साल २०२१ में महिलाओं के खिलाफ अपराध के ३० हजार से ज्यादा मामले सामने आए। जिसमें सबसे अधिक १५,८२८ शिकायत यूपी से थीं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों की बात करें तो महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा क्राइम के मामले में यहां भी उत्तर प्रदेश टॉप पर है। तो वहीं बलात्कार के मामले में भी दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार यहां साल २०२० में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के ४९,३८५ मामले दर्ज कराए गए थे। जबकि देश भर में बलात्कार के कुल २८,०४६ मामलों में से अकेले उत्तर प्रदेश में कुल २,७६९ मामले दर्ज हुए थे। बीते कुछ महीनों में यहां साढ़े ३ साल की मासूम बच्ची से लेकर ३० साल की महिला तक से रेप की खबरें सुर्खियां बटोर चुकी हैं।
योगी सरकार का जहां तक गुंडों को सही जगह पहुंचाने का दावा था तो उसकी भी सच्चाई जान ही लीजिए। एनसीआरबी २०२० के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश हत्या के मामले में भी नंबर एक पर है। रिपोर्ट की मानें तो साल २०२० में देश में कुल २९,१९३ हत्याएं हुर्इं, जिसमें से अकेले उत्तर प्रदेश में ३,७७९ मामले दर्ज हुए। २०१९ की तुलना में ये आंकड़ा ज्यादा है। ऐसे में सीएम योगी का दावा कहां टिकता है? ये तो वो और उनकी टीम ही बता सकती है।

गोरखपुर में ट्रिपल मर्डर पति-पत्नी-बेटी का सरेराह घेरकर कत्ल

विक्रम सिंह / गोरखपुर। योगी के शहर गोरखपुर से दिलदहला देनेवाली खबर है। यहां पति-पत्नी और उनकी बेटी की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। तीनों परिवार शादी समारोह में जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सूचना पाकर एसएसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। गांव में 7 फोर्स तैनात कर दी गई है। क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम मौके पर है। घटना से लोगों में आक्रोश है।खोराबार थाना क्षेत्र में रायगंज गांव के रहनेवाले गामा निषाद (42 साल) बंगला चौक पर मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते थे। जबकि गामा के बड़े भाई रामा निषाद रायगंज में ही रहते हैं। उनकी बड़ी बेटी की शादी है। सोमवार को परिवार में मटकोड़वा की रस्म होनी थी। इसी कार्यक्रम में शामिल होने गामा अपनी पत्नी संजू (38 साल) और बेटी प्रीती (20 साल) के साथ रात करीब 9 बजे पैदल ही जा रहे थे। घर से करीब 800 मीटर की दूरी पर रास्ते में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने पूरे परिवार को घेर लिया। अभी गामा कुछ समझ पाते कि इससे पहले हमलावरों ने तीनों पर धारदार हथियार ताबड़तोड़ वार शुरू ​कर दिए। तीनों की गर्दन काट कर उन्हें बेरहमी से मार डाला। परिवार का एक बेटा अच्छेलाल बच गया, क्योंकि वह दूसरे रास्ते से कार्यक्रम में जा रहा था। गामा का एक और बेटा भी, लेकिन वह कमाने के लिए बाहर रहता है। ट्रिपल मर्डर की सूचना पाकर एसएसपी डॉ विपिन टांडा, एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई, सीओ कैन्ट श्यामदेव मौके पर हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हत्या के कारणों और आरोपियों का पुलिस पता लगा रही है। गांव में फोर्स तैनात है।

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