मुख्यपृष्ठग्लैमर`आप खुश रहना सीख लें!'

`आप खुश रहना सीख लें!’

हालिया रिलीज फिल्म `द कनवर्जन’ से रुपहले पर्दे पर दस्तक देनेवाली अदाकारा विंध्या तिवारी छोटे पर्दे पर भी दर्जनों धारावाहिकों में काम कर चुकी हैं। लेकिन इस बार वे निर्देशक विनोद तिवारी की लव जिहाद पर आधारित फिल्म से अपार सुर्खियां बटोर रही हैं। पेश है, विंध्या तिवारी से सोमप्रकाश `शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

 फिल्म `द कनवर्जन’ में अपने रोल के बारे में कुछ बताएंगी?
इस फिल्म में मैं साक्षी मिश्रा का किरदार निभा रही हूं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए एक दूसरे धर्म के लड़के के प्यार में पड़ जाती है। अंत में बमुश्किल उसकी घर वापसी होती है।
 आपकी ये फिल्म इन दिनों धूम मचा रही है, ऐसे में आप क्या कहना चाहेंगी?
मेरी इस फिल्म को दर्शकों का बहुत ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी फिल्म एक नया इतिहास बनाएगी क्योंकि यह फिल्म देश के वर्तमान हालात लव जिहाद पर आधारित है। आज हमारे समाज में हिंदू लड़कियों को प्यार के नाम पर बहला-फुसलाकर जबरन उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, जो एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।
 निर्देशक विनोद तिवारी के साथ काम करने का अनुभव वैâसा रहा?
विनोद तिवारी के साथ काम करने का मेरा अनुभव बेहद सुखद रहा। मेरी उनसे मुलाकात एक कॉफी डे में हुई और वहीं मुझे साक्षी मिश्रा के किरदार को निभाने का टोकन मिल गया। मैं हृदय से उनकी शुक्रगुजार हूं, जो उन्होंने मुझे इस फिल्म के लिए चुना।
 टीवी के बाद आप अचानक फिल्मों की ओर मुड़ गईं । क्या अब आप टीवी को अलविदा कह देंगी?
मुझे टीवी ने बहुत कुछ सिखाया है और बदले में एक छोटी-सी पहचान भी दी है। मैं एक कलाकार हूं, जहां भी मुझे काम मिलेगा मैं वहां अवश्य काम करूंगी। फिर चाहे वो टीवी हो, फिल्म हो या फिर ओटीटी प्लेटफॉर्म। मैं कभी सीमाओं में बंधकर काम नहीं करूंगी।
 क्या आपको लगता है कि आज का सिनेमा ग्लैमर के बिना अधूरा है?
मुझे ऐसा कतई नहीं लगता। मेरे खयाल से आज कंटेंट का बोलबाला है। ग्लैमर को कोई नहीं पूछ रहा है।
 आजकल के युवाओं के लिए सिनेमा में करियर बनाना कितना आसान है?
आसान तो नहीं कह सकते फिर भी आप अपनी मेहनत और लगन से काम के प्रति वफादार रहेंगे तो कामयाबी सुनिश्चित है। आपको जहां पहुंचना है वहां एक दिन जरूर पहुंचेंगे, बस आप खुश रहना सीख लें।

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