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सवाल हमारे जवाब आपके?

एनआईए देशभर में छापेमारी कर पीएफआई के सदस्यों की गिरफ्तारी कर रही है। इस गिरफ्तारी में भोपाल से पकड़े गए सदस्यों के मोबाइल से पाकिस्तान के नंबर मिले हैं। पीएफआई और इनके सदस्यों का क्या किया जाना चाहिए?

• कड़ी सजा का प्रावधान करना होगा
पीएफआई से जुड़े लोग पाकिस्तान के इशारे पर देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। छापेमारी में मिले सबूतों से यह खुलासा हो रहा है। हिंदुस्थान का नमक खाकर पाकिस्तानी राग अलापनेवाले उन गद्दारों को या तो पाकिस्तान भेज देना चाहिए या कड़ी सजा का प्रावधान कर एक सख्त संदेश दिया जाना चाहिए, सिर्फ प्रतिबंधित करने से कुछ भी हासिल नहीं होगा।
-अशोक तिवारी, ठाणे

• देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए
जिस तरह से पीएफआई की देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता, टेरर फंडिंग, धार्मिक उन्माद व उपद्रव पैâलाए जाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। उसे देखते हुए इस पर हमेशा के लिए पाबंदी लगा देनी चाहिए, जिन्होंने पाकिस्तान के नारे लगाए या जिनके मोबाइल में पाकिस्तान के नंबर मिले हैं, उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
-अमित भोसले, भायंदर

• पाकिस्तान खुराफात की जननी है
पाकिस्तान भारत से हर मामले में पीछे है, इसके बावजूद वह विकास की बजाय विनाश की राह अपना रहा है। पाकिस्तान की हालत खस्ता है। त्राहि-त्राहि मची है। पाकिस्तान में अनेक आतंकी संगठन काम कर रहे हैं। अफजल गुरु, कसाब के बाद देश में बड़ी संख्या में पकड़े जा रहे लोगों के मोबाइल फोन के कनेक्शन पाकिस्तान से हैं। पाकिस्तान की स्थिति कुत्ते की दुम की तरह है। अब हिंदुस्थान सरकार को पाकिस्तान को करारा जवाब देना चाहिए।
-प्रकाश पाटील, बदलापुर

• सलाखों के पीछे रखना होगा
देशविरोधी कृत्यों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को छोड़ना नहीं चाहिए। ऐसे लोगों को सारी उम्र सलाखों के पीछे ही रखना ठीक होगा।
-अविनाश निवगुणे, ठाणे

• कड़ी सजा मिलनी चाहिए
हिंदुस्थान में रहकर पाकिस्तान का राग अलापनेवालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही इनके विदेशी आकाओं पर भी नकेल कसनी चाहिए।
-सूर्यभान खरवार, मरवट (यूपी)

• सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए
केंद्र सरकार को चाहिए कि देश विरोधी कार्यों में लिप्त पीएफआई के हर सदस्य का नाम जाहिर करके उनका सामाजिक बहिष्कार करने की अपील करनी चाहिए और इनके निजी दस्तावेज रद्द कर देना चाहिए।
-अब्बास घड़ियाली, कल्याण

आज का सवाल?
एक तरफ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षी ‘दुआरे राशन’ योजना को कोलकाता हाईकोर्ट ने गैरकानूनी करार दिया है। लेकिन वहीं २०२४ की तैयारियों में लगी पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में मुफ्त राशन योजना को और तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। क्या यह कोर्ट के आदेश की अवमानना नहीं है?
आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

 

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