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युवासेना ने उठाए लीलावती पर सवाल : एमआरआई सेंटर में कैसे हुई वीडियोग्राफी?

•  महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल को लिखा पत्र
• अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग
• नवनीत का अस्पताल में फोटोसेशन मामला
सामना संवाददाता / मुंबई । लीलावती अस्पताल में एमआरआई के दौरान वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद निर्दलीय सांसद नवनीत राणा की जहां जमकर खिंचाई हो रही है, वहीं उनका इलाज करने वाले लीलावती अस्पताल की भी मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। युवासेना ने मामले में लापरवाही बरतने वाले अस्पताल के खिलाफ जांच कर उसका लाइसेंस रद्द करने, एवं दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल को भी पत्र लिखा गया है।
उल्लेखनीय है कि स्पॉडिंलाइटिस का हवाला देते हुए नवनीत राणा लीलावती अस्पताल में भर्ती हुई थीं। इस बीच अस्पताल के एमआरआई सेंटर में विभिन्न जांच के दौरान उनका वीडियो और फोटो वायरल हुआ था। इसे लेकर सोमवार को पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर, शिवसेना की विधायक मनीषा कांयदे और युवासेना के राहुल कनाल सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक लीलावती अस्पताल में पहुंचकर नवनीत राणा के वायरल वीडियो और फोटो को लेकर सवालों की झड़ी लगा दी थी। साथ ही शिवसैनिकों ने इसे नियम का उल्लंघन करार देते हुए जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी।
वीडियो शूटिंग, फोटोग्रॉफी की अनुमति नहीं
युवासेना कार्यकारिणी सदस्य राहुल कनाल ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल को दिए अपने ज्ञापन के जरिए कहा है कि एमआरआई सेक्शन में वीडियो शूटिंग और फोटोग्रॉफी करने की अनुमति नहीं है। यह मेडिकल काउंसिल और संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के खिलाफ है। ऐसा करने से कई लोगों की जान भी जा सकती है, फिर भी लीलावती अस्पताल में इस तरह की घटना हुई है। कनाल ने कहा कि एमआरआई सेक्शन में फोटो और वीडियो शूट करने की अनुमति देना बहुत गंभीर अपराध है।
जानबूझकर किया गया ऐसा कृत्य
राहुल कनाल ने कहा है कि अस्पताल प्रशासन इस तथ्य से पूरी तरह अवगत है कि एमआरआई विभाग में किसी धातु की उपस्थिति गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। इसके बावजूद प्रचार के लिए अस्पताल के अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर जानबूझकर ऐसा कृत्य किया है।
राणा दंपति और अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत
कनाल ने सवाल उठाया है कि अस्पताल के एमआरआई सेक्शन में मीडिया प्रतिनिधियों को तस्वीर लेने और शूटिंग करने की अनुमति वैâसे दी गई? इस कृत्य से यह साबित हो रहा है कि नवनीत राणा और अस्पताल प्रशासन दोनों की मिलीभगत है।
मशीन में फंसने से हुई थी युवक की मौत
मुंबई के नायर अस्पताल में वर्ष २०१८ में स्टाफ की लापरवाही से एक ३२ वर्षीय शख्स की एमआरआई मशीन में फंसने की वजह से जान चली गई। एमआरआई मशीन में मेटल की चीजें प्रतिबंधित हैं लेकिन मशीन के मैग्नेटिक फोर्स की वजह से वह मशीन के अंदर खिंचता चला गया था। इसे लेकर मुंबई हाईकोर्ट ने मनपा को शख्स के परिवार को १० लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया था।

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