मुख्यपृष्ठनए समाचारजम्मू-कश्मीर में भाजपा के लिए निल बटा सन्नाटा-शिवसेना

जम्मू-कश्मीर में भाजपा के लिए निल बटा सन्नाटा-शिवसेना

-देशभर में जिसके नाम पर वोट बटोरे, वहां चुनाव करवाने का‌ दम नहीं-साहनी

सामना संवाददाता / जम्मू

जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष राज्य दर्जे के निरस्तीकरण को चार साल से अधिक का समय बीत चुका है। दो हिस्सों में विभाजित कर दी गई महाराजा गुलाब सिंह की विरासत जम्मू-कश्मीर से उसके लोकतांत्रिक व विशेष अधिकारों को छीन चुकी भाजपा पूरे देश में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है, लेकिन न तो यहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाली को तैयार है और न ही राज्य का दर्जा बहाल करने का उसका मन है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कि जम्मू-कश्मीर में प्रदेश भाजपा नेताओं का जनाधार का खिसकना है। यह कहना है शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष जम्मू-कश्मीर ईकाई प्रमुख मनीष साहनी का।
पार्टी प्रदेश कार्यालय जम्मू में आयोजित आज एक पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि 2018 में भाजपा-पीडीपी गठबंधन की सरकार गिराने के बाद से जम्मू-कश्मीर की आवाम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूर रखा जा रहा है। अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण एवं बेहतर हालातों का हवाला देकर देश भर में ढिंढोरा पीट, अमन बहाली का दावा करने वाली भाजपा सुरक्षा का हवाला देकर विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत एवं नगर निगम के चुनावों को टालने की कवायद में जुट गई है।
साहनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता को जनप्रतिनिधि विहीन करने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी तरह ढहाने की तैयारी है। आम आदमी नौकरशाही के रहमोकरम पर है, जनता और नौकरशाही के बीच संवादहीनता चरम पर है।‌ जन मुद्दे पूरी तरह से दरकिनार किए जा चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में भाजपा के लिए जमीनी हालात निल बटा सन्नाटा बन चुके हैं। इस तथ्य से भाजपा हाईकमान भलीभांति वाकिफ हैं और वह लोकसभा चुनावों तक अपना चेहरा बचाए रखने के लिए लोकतंत्र के सबसे निचले पायदान के जनाधिकारों और उनकी भागीदारी को छीन जनता को दर-बदर करने पर तुली है। इस मौके पर महासचिव विकास बख्शी, उपाध्यक्ष बलवंत सिंह, अध्यक्ष कामगार विंग राज सिंह उपस्थित रहे।

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