मेरे प्यार का ये अफसाना, तौबा-तौबा
गलती का भरिए जुर्माना, तौबा-तौबा
मैं तो समझा था खुशखबरी आएगी
इतना ज्यादा टैक्स बढ़ाना, तौबा-तौबा
झोली भर-भरकर हम सबने वोट किया
ऐसा भी आभार जताना, तौबा-तौबा
हमने तुम्हें जिताया था सूनामी लाकर
उसमें ही इस तरह डुबाना, तौबा-तौबा
काम चल यहा था जैसे चलने ही देते
आते ही गरदन कटवाना, तौबा-तौबा
हमने तो सोचा था पब्लिक हित होगा
ठेकेदारों पर हर्षाना, तौबा-तौबा
मतदाता विश्वास करेंगे अब किस पर
यदि ऐसा ही है पैमाना, तौबा-तौबा
हमको लगता है मत देकर ठगे गए
ऐसा ही कह रहा जमाना, तौबा-तौबा
पांच साल तक जितने चाहो जुल्म करो
या लीजै हमसे जुर्माना, तौबा-तौबा।
-सुरेश मिश्र
