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संपादकीय: माई-बाप सरकार कहां है? गोंदिया का आक्रोश!

महाराष्ट्र में असल में क्या चल रहा है और क्या होनेवाला है, यह कोई बता नहीं सकता। एक महीना बीत गया है, फिर भी...

संपादकीय : कांग्रेस सड़क पर उतरी! दूसरों का क्या?

महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी के विरोध में देशव्यापी आंदोलन करनेवाली एकमात्र पार्टी के तौर पर कांग्रेस की तरफ उंगली दिखानी पड़ेगी। महंगाई के साथ ही...

रोखठोक : मुंबई में गुजराती कब आए? वैभव किसने बढ़ाया?

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक राज्यपाल श्री कोश्यारी ने मुंबई के बारे में एक बयान दिया। गुजराती-राजस्थानी नहीं रहेंगे तो मुंबई आर्थिक राजधानी नहीं...

संपादकीय : शिंदे को बल मिले! तबीयत क्यों बिगड़ी?

बीते दो महीनों से महाराष्ट्र का राजनीतिक स्वास्थ्य बिगड़ गया था, परंतु जिन बागियों अथवा विश्वासघातियों के ‘डायरिया’ के कारण राज्य का स्वास्थ्य खराब...

संपादकीय : अलगाववादियों का उत्सव : आजादी का अमृत महोत्सव कहां है?

पीडीपी की अध्यक्षा और आजाद कश्मीर की समर्थक महबूबा मुफ्ती ने सीधे-सीधे हिंदुस्थान की संप्रभुता को चुनौती दी है। श्रीमती मुफ्ती ने उनके ‘ट्विटर’...

संपादकीय : कौवे खत्म होंगे, गायें रहेंगी! …नड्डा जी, जरा संभलकर!

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा दूसरों की तुलना में अच्छे व्यक्ति हैं, ऐसी एक धारणा थी। एक तो वे हिमाचल जैसे...

संपादकीय : दुकान बंद करनी है क्या?

मुख्यमंत्री शिंदे यानी क्या अजीब आदमी हैं, ये अब महाराष्ट्र को पता चलने लगा है। महाराष्ट्र को समझ में आने लगा है फिर भी...

संपादकीय: भांग के नशे का सपना!

महाराष्ट्र और देश की पूरी राजनीति को निचले स्तर पर पहुंचा ही दिया गया था। लेकिन अब कितने निम्न स्तर पर पहुंच गई है...

संपादकीय : राज्यपाल की…?

राज्यपाल एक संवैधानिक एवं प्रतिष्ठित पद है। कई राज्यपालों ने इस पद की प्रतिष्ठा रखने का कार्य किया है। लेकिन महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल...

रोखठोख : विधायक-सांसदों में मनी लॉन्ड्रिंग का खौफ,हिंदुत्व बेवजह बदनाम हो रहा है!

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक  मनी लॉन्ड्रिंग कानून के विरोध की कोई वजह नहीं है। मुख्य रूप से यह कानून ड्रग्स, हवाला, स्मगलिंग से होनेवाले...

संपादकीय : राष्ट्रपति का मान-सम्मान… संविधान का क्या?

राष्ट्रपति के अपमान को लेकर भाजपा और कांग्रेस में टकराव जारी है। लोकसभा में कांग्रेस गुट के नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी...

संपादकीय : लोकतंत्र का सामुदायिक हत्याकांड!

लोकसभा और राज्यसभा हमारे लोकतंत्र के सर्वोच्च सभागृह हैं। जनमत के आधार पर निर्वाचित हुए जनप्रतिनिधि इन दोनों सभागृहों में जनता से जुड़े और...

संपादकीय : हिचकी और ठेचा!

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है, ‘हमने उद्धव ठाकरे का साक्षात्कार नहीं पढ़ा, नहीं देखा। ठाकरे का साक्षात्कार मतलब मैच फिक्सिंग है।’ इस पर...

संपादकीय : दारूबंदी का ‘गुजरात मॉडल’!

सख्त दारूबंदी वाले गुजरात में ये क्या हो रहा है? जहरीली शराब पीने से गुजरात में दो दिन में २९ लोगों की तड़प-तड़पकर मौत...

संपादकीय : सच में कमजोर कौन?

कारगिल विजय दिवस की पाश्र्वभूमि में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जम्मू गए और वहां उन्होंने तिरंगा फहराया। रक्षामंत्री ने जम्मू में प्रेरणादायी तथा वीरतापूर्ण भाषण...

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