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संपादकीय

संपादकीय : जो कर्नाटक में हुआ, क्या वही महाराष्ट्र में होगा? …भीख नहीं, नौकरी दो!

देश में नौकरियों की समस्या दिन-ब-दिन जटिल होती जा रही है। इसके लिए मोदी सरकार की पिछले दस साल की नीतियां जिम्मेदार हैं। ग्रेजुएट्स...

संपादकीय : गृहमंत्री का इस्तीफा लीजिए… जम्मू में हत्यासत्र!

आज की तारीख में क्या देश में सरकार नाम की कोई चीज अस्तित्व में है और यदि हां तो वह वास्तव में क्या कर...

संपादकीय : ट्रंप बच गए! …क्या मणिपुर, गाजा, यूक्रेन की जनता बचेगी?

डोनाल्ड ट्रंप प्राणघातक हमले में बाल-बाल बच गए हैं। ट्रंप की हत्या का प्रयास किया गया, लेकिन हत्यारे का निशाना चूक गया। गोली ट्रंप...

संपादकीय : भीतर का दबा ‘सत्य’ और झूठे का मुंह काला

लोकसभा के बाद पिछले हफ्ते हुए उपचुनाव में भी ‘इंडिया गठबंधन' का ही डंका बजा। जनता ने यहां भी भाजपा को लात ही मारी।...

मोरारजी मोदी!

लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र ने भाजपा और उसके सहयोगियों की कमर तोड़ दी। जिसके चलते नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपना बहुमत खो दिया।...

 रोखठोक : वाराणसी में मोदी की ‘काशी’ … गंगा विष पचाकर बह रही है!

संजय राऊत- कार्यकारी संपादक जिस गंगा मां ने नरेंद्र मोदी को गोद लिया, उस काशी में मैंने दो दिन बिताए। मोदी बमुश्किल चुनाव में बच...

संपादकीय : ‘अग्निवीरों’ को लॉलीपॉप !

सरकार कोई भी हो, वह मजबूत होनी चाहिए; लेकिन उसे अड़ियल या हठधर्मी नहीं होना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार ने सेना के तीनों अंगों...

संपादकीय : मोदी-पुतिन-जेलेंस्की …वे क्या किसी से डरते हैं?

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी विशेष विमान से देश से बाहर ही हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी मणिपुर...

संपादकीय : लाड़ली बहना की हत्या

महाराष्ट्र की ‘लाचार सरकार' यानी अपराधियों द्वारा अपराधियों को बचाने के लिए चलाई जाने वाली सरकार है इस बाबत किसी के मन में कोई...

संपादकीय : पहली बारिश में खुल गई पोल

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने राणा भीमदेवी के अंदाज में दहाड़ लगाई थी कि मानसून के दौरान मुंबई में पानी नहीं भरेगा, मुंबई नहीं रुकेगी।...

संपादकीय : कट, कमीशन और शिंदे

मुख्यमंत्री शिंदे की चापलूसी चरम सीमा पर पहुंच गई है और उस चरम से नीचे लुढ़कने का क्षण निकट आ गया है। प्रधानमंत्री मोदी...

रोखठोक : व्यापारियों का राज; महाराष्ट्र का शौर्य! … देश कहां जा रहा है?

संजय राऊत- कार्यकारी संपादक ब्रिटिश शासन व्यापारियों का शासन था। वे चले गए। गुजरात के एक ‘बनिया' ने उन्हें ‘चले जाओ’ का आदेश दिया। उसी...

संपादकीय : स्वागत अभूतपूर्व, लेकिन…

विश्वविजेता भारतीय क्रिकेट टीम का मुंबई में अभूतपूर्व स्वागत किया गया। भारतीय क्रिकेट टीम ‘टी-२०' वर्ल्ड कप जीतकर स्वदेश लौट आई। टीम के भारत...

संपादकीय : मोदी का मार्शल लॉ!

क्या नरेंद्र मोदी में बदलाव होगा? (मतलब है क्या वे अब भी सुधरेंगे?) कई लोगों को अक्सर यह सवाल सूझता होगा। तीन बार प्रधानमंत्री...

संपादकीय : अंधविश्वास के शिकार!

उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को जो मौत का तांडव हुआ, वो भयावह है। जबकि पूरी दुनिया विज्ञान के युग में प्रौद्योगिकी और...

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