रोखठोक

रोखठोक :  ईमानदार राजा, ईमानदार प्रजा…ऐसा है भूटान देश

संजय राऊत भारत की सीमा पर स्थित भूटान एक स्वतंत्र देश है, लेकिन भूटान में कदम रखने से लेकर वापस निकलने तक कहीं भी यह...

रोखठोक: पार्वती के राज्य में गुस्से, आक्रोश पर पाबंदी

संजय राऊत -कारगिल कश्मीर का हिस्सा है, इस भ्रम में भारतीय जनता है। कारगिल लद्दाख का हिस्सा है। १९९९ का कारगिल युद्ध लद्दाख की जमीन...

रोखठोक :  क्या कश्मीरी जनता की कोई सुनेगा?..नंदनवन की मानसिक घुटन

संजय राऊत देश में द्वेष, धर्मांधता की आंधी चल रही है, ऐसे में स्वर्ग की ख्याति प्राप्त जम्मू-कश्मीर जाने का मौका मिला। भारत को हमारे...

रोखठोक : `सिस्टम’ का पूर्ण अपराधीकरण! … क्या विपक्ष की चेतना जागी?

संजय राऊत पांच राज्यों के चुनाव परिणामों को देखकर क्या देश जागेगा? पश्चिम बंगाल और असम का चुनाव भाजपा ने खुलेआम चुराया है। जब `सिस्टम'...

रोखठोक : चालाकों की राजनीति; ‘आम आदमी’ की सिर्फ चर्चा!

संजय राऊत भारत की मौजूदा राजनीति की सटीक परिभाषा क्या है, यह एक स्थान पर आचार्य रजनीश ने बताया है - ‘राजनीति एक ऐसा खेल है,...

रोखठोक : भाजपा की खोखली ‘नारी वंदना’

संजय राऊत महिलाओं पर अत्याचार, लैंगिक शोषण के अनगिनत अपराधों के कारण महाराष्ट्र में हाहाकार मचा हुआ है। महाराष्ट्र में कानून का शासन है, ऐसा...

रोखठोक :  भारत के विक्टर ओर्बन

संजय राऊत हंगरी के सत्ता परिवर्तन का भारतीय शासन व्यवस्था और राजनीति से कोई संबंध नहीं है। हंगरी की जनसंख्या भी एक करोड़ नहीं है।...

रोखठोक : टूटी नाव की हुई तूफान से टक्कर… भारत का जहाज भटक गया!

संजय राऊत  कोई टूटी सी कश्ती ही बगावत पर उतर आए तो कुछ दिन ये तूफां सर उठाना भूल जाते हैं। -वसीम बरेलवी वसीम बरेलवी का यह शेर ईरान-अमेरिका...

रोखठोक : अडानी से पहली टक्कर !

संजय राऊत महाराष्ट्र में इन दिनों गैरराजनीतिक मुद्दों की धूम मची हुई है। जिन्हें सत्ता का उपयोग समाज परिवर्तन के लिए करना चाहिए था, उन्होंनें...

रोखठोक : कै. खरात बाबा सलीम, अब्दुल होता तो…हिंदुत्व और अध्यात्म का शोषण

संजय राऊत -कार्यकारी संपादक प्रगतिशील कहलाने वाले महाराष्ट्र में पाखंड और बाबागीरी बहुत बढ़ गई है। अध्यात्मवादी बुवा, महाराजों की टोलियां बनाकर उन्हें भाजपा के...

रोखठोक :  एक दिन ‘सूर्य’भी जल जाएगा! … एसिड की बारिश!

संजय राऊत ईरान-इजरायल, अमेरिका युद्ध में अब तक हजारों बम गिर चुके हैं। इनसे धुएं और आग के गुबार उठे। तेल के कुएं जला दिए...

रोखठोक : फादरलैंड और बाल देवता … युद्ध वास्तव में किसलिए

संजय राऊत यह नहीं माना जा सकता कि ईरान-इजरायल युद्ध समाप्त हो गया है। इस युद्ध के लिए नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप जितने जिम्मेदार हैं,...

रोखठोक : कॉकरोच मरते नहीं!

संजय राऊत राजनीति करने के कई तरीके हैं, उनमें से युद्ध एक तरीका है। युद्ध जैसे तरीके का सहारा कभी न कभी लेना ही पड़ता...

रोखठोक :   लुटियन्स गए, राजगोपालाचारी आए…मोदी की नई लहर

संजय राऊत आज के प्रधानमंत्री मोदी और उनके लोगों को इतिहास की समझ बिल्कुल नहीं है। स्वतंत्रता की लड़ाई में या इतिहास बनाने के प्रवाह...

रोखठोख : यह एपस्टीन किसका क्या?.. भारत के लिए जैसे महात्मा ही!

संजय राऊत महाराष्ट्र और देश की राजनीति आज किस मोड़ पर आ गई है, इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। एक-दूसरे का चरित्र हनन, कीचड़ उछालना...
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