रोखठोक

रोखठोक : मुंबई में गुजराती कब आए? वैभव किसने बढ़ाया?

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक राज्यपाल श्री कोश्यारी ने मुंबई के बारे में एक बयान दिया। गुजराती-राजस्थानी नहीं रहेंगे तो मुंबई आर्थिक राजधानी नहीं...

रोखठोख : विधायक-सांसदों में मनी लॉन्ड्रिंग का खौफ,हिंदुत्व बेवजह बदनाम हो रहा है!

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक  मनी लॉन्ड्रिंग कानून के विरोध की कोई वजह नहीं है। मुख्य रूप से यह कानून ड्रग्स, हवाला, स्मगलिंग से होनेवाले...

रोखठोख : महाराष्ट्र में सियासी पेच : कानून के पचड़े में लोकतंत्र!

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक  महाराष्ट्र विधानसभा के १६ बागी विधायकों का क्या होगा? सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होने तक यह कानूनी पेच बरकरार...

रोखठोक : जब महाराष्ट्र का अपमान होता है

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक  विश्वासघात और मतभेद की राजनीति महाराष्ट्र में चल रही है। शिवछत्रपति के बाद उनका अभिमान बोला तो सिर्पâ लोकमान्य तिलक...

रोखठोख: महाभारत हो गई पर धर्मराज, भीष्म कहां हैं?

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक  महाराष्ट्र में सीधे-सीधे महाभारत हुई। एक ही घर के लोग एक-दूसरे के सामने युद्ध के लिए खड़े हैं, ये सत्य...

रोखठोख : यही असली भूकंप है!

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक  एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने व उनके मंत्रिमंडल में देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार करना पड़ा यही असली भूकंप...

रोखठोख : महाराष्ट्र में भालुओं की गुदगुदी : शिंदे मुख्यमंत्री क्यों नहीं बने?

संजय राऊत - कार्यकारी संपादक  श्री एकनाथ शिंदे व चालीस विधायकों की बगावत का मतलब भूकंप नहीं है। ऐसे कई भूकंप के झटकों से गुजरने...

रोखठोख : श्रीराम की अयोध्या,अयोध्या के हनुमान : सरयू तट पर हिंदुत्व की जगमगाहट!

संजय राऊत -कार्यकारी संपादक  श्रीराम को जननी और जन्मभूमि से प्रेम था। अयोध्या की ५०० वर्षों की लड़ाई उसी जन्मभूमि के लिए थी, जो कि...

रोखठोख : राज्यसभा-विधान परिषद के जुगाड़ का संघर्ष: व्यावसायिक तराजू की राजनीति

संजय राऊत -कार्यकारी संपादक  राज्यसभा चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। विधान परिषद भी हो रहे हैं। छठी सीट भाजपा जीत गई, परंतु वह...

रोखठोक : हेराल्ड, नेहरू व ई.डी.!

संजय राऊत -कार्यकारी संपादक  नेशनल हेराल्ड प्रकरण में ईडी ने सोनिया व राहुल गांधी को नोटिस जारी की है। अब इस प्रकरण में खुद पंडित...

रोख ठोक : देश अशांत; भटक रही राजनीति!

संजय राऊत - कार्यकारी संपादक  "वैश्विक नेताओं की भीड़ में हमारे प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे नजर आते हैं, यह गर्व की बात है। लेकिन देश...

चंद्रमा पर स्थित असली स्वर्ग! लेह-लद्दाख का आत्मनिर्भर भारत!

हमारा देश कैसा है, हिमालय भव्य क्यों है, यह जानना होगा तो हर किसी को कम-से-कम एक बार लेह-लद्दाख की धरती पर आना ही...

सरकार का दिमाग ठिकाने पर है!

देशद्रोह की धारा का सर्वाधिक दुरुपयोग बीते सात वर्षों में हुआ है। राजनीतिक विरोधियों पर ‘नकेल' कसने के लिए पीएमएलए, देशद्रोह और यूपीए आदि...

रोखठोक : फुले बनाम तिलक ….राजनीति से समाधि की ओर

रायगढ़ पर स्थित शिवराय की समाधि की खोज किसने की, इस पर कुछ लोगों ने इतिहास को गींजना शुरू कर दिया है। ‘महात्मा फुले...

रोखठोक : इतने सालों बाद भी मुंबई किसकी? …महाराष्ट्र दिवस की पुरानी व्यथा

संजय राऊत - कार्यकारी संपादक । महाराष्ट्र की स्थापना को ६२ साल हो गए हैं, फिर भी ‘मुंबई किसकी है?' यह सवाल हमेशा चर्चा में...

अन्य समाचार