रोखठोक

सरकार का दिमाग ठिकाने पर है!

देशद्रोह की धारा का सर्वाधिक दुरुपयोग बीते सात वर्षों में हुआ है। राजनीतिक विरोधियों पर ‘नकेल' कसने के लिए पीएमएलए, देशद्रोह और यूपीए आदि...

रोखठोक : फुले बनाम तिलक ….राजनीति से समाधि की ओर

रायगढ़ पर स्थित शिवराय की समाधि की खोज किसने की, इस पर कुछ लोगों ने इतिहास को गींजना शुरू कर दिया है। ‘महात्मा फुले...

रोखठोक : इतने सालों बाद भी मुंबई किसकी? …महाराष्ट्र दिवस की पुरानी व्यथा

संजय राऊत - कार्यकारी संपादक । महाराष्ट्र की स्थापना को ६२ साल हो गए हैं, फिर भी ‘मुंबई किसकी है?' यह सवाल हमेशा चर्चा में...

रोखठोक : बादशाह मुर्गे लड़ाता है…

संजय राऊत- कार्यकारी संपादक।  ‘गरीबी और भुखमरी के मामले में हिंदुस्थान ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को भी पीछे छोड़ दिया है। नौकरी नहीं है...

रोखठोक: राम के नाम पर टुकड़े-टुकड़े गैंग!

संजय राऊत। रामनवमी के दिन दस राज्यों में दंगे हुए। ये दृश्य अच्छे नहीं हैं। इससे पहले रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान सिर्फ धर्म...

रोखठोक : कमजोर विरोधियों पर जोरदार प्रहार …. केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक हथौड़ा

संजय राऊत -कार्यकारी संपादक : हमें एक सक्षम विपक्ष की जरूरत है। ऐसा बयान गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में दिया। विरोधी दल आज...

रोखठोक: हमारा देश ‘खुशहाल’ क्यों नहीं है?

संजय राऊत-कार्यकारी संपादक। खुशहाल देशों के मामले में हिंदुस्थान १३६वें क्रमांक पर है। पाकिस्तान, बांग्लादेश हमसे ज्यादा खुशहाल हैं। प्रधानमंत्री मोदी लगातार चुनाव जीतते...

रोखठोक : चमचे, अंधभक्त और भिंडी की सब्जी!

संजय राऊत / कार्यकारी संपादक।  कांग्रेस के दौर में दिल्ली से मुंबई तक चमचों का बोलबाला था। मोदी के युग में चमचों की जगह...

रोखठोक : और एक कश्मीर फाइल!

संजय राऊत- कार्यकारी संपादक : ‘द कश्मीर फाइल्स' यह फिल्म फिलहाल सुर्खियों में है। ३२ वर्षों बाद वास्तविक इतिहास सामने आने का दावा भाजपा...

पांच राज्यों का आसान परिणाम!…. निश्चित तौर पर कौन जीता?

संजय राऊत - कार्यकारी संपादक। पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा ने ४ राज्य आसानी से जीत लिया। उसमें उत्तर प्रदेश जीतने का उत्सव...

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