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नमस्ते सामना

चरित्र और वैभव

चरित्र और वैभव जीवन की दो विभिन्न दिशाएं हैं। वैभव बाहरी शान ओ शौकत है इसमें ऐश्वर्य और भव्यता झलकती है जबकि चरित्र अंदरूनी अनुशासित स्वभाव है भव्यता...

उसकी मोहब्बत

उसकी मोहब्बत तेज बारिश-सी और मैं... शहरों की सड़कों-सा डूबता ही रहा। उसकी मोहब्बत कुटिल राजनीति-सी और मैं... भोली जनता-सा लुटता ही रहा। उसकी मोहब्बत गंगा नदी-सी, और मैं... कूड़ा करकट समाता ही रहा। उसकी मोहब्बत प्रगति-सी और मैं... पेड़ों-सा कटता ही रहा। उसकी...

अगर इश्क है सुकून

अगर इश्क है सुकून तो रात क्यूँ है जून... जेहन का हिस्सा बना हुआ हूँ जितना सोचूँ कम लगता है दर्द पहला मिठास है सुकून क्या है इसमें होठों पे...

मन की उड़ान

मन की उड़ान ने सपनों की डोर को खींचा है किस बंदिश में बंधा हूँ अपनी तम्मना पूरी करूँ कुछ आस लगा के बैठा हूँ ज़मीर पुकारती है मुझे ख्यालों...

 “कुछ टूटा है आज”

आनंद शर्मा कुछ टूटा है आज कुछ ख़त्म हुआ है उम्मीदों का नन्हा परिंदा चुपके से कहीं दफ़न हुआ है कुछ टूटा है आज... लफ़्ज़ों का अंत हुआ विचार भी अब मौन...

अब तो सब विद्वान हो गए

अब तो सब विद्वान हो गए लगता है इंसान हो गए।। बात सुनो तो लगता जैसे । बातों के धनवान हो गए।। उन्हें समझना बड़ा कठिन है । वे...

रिश्ते अनमोल

रिश्ता प्यार-मौहब्बत का होता है इज़्जत और विश्वास का होता है रिश्ते का मोल असम्भव है यह तो अनमोल रत्न है रिश्ते में दोस्त-दोस्त होता है दुश्मनी और दोस्ती...

हमसे प्यार मत करना

गजल इस क़दर हमसे प्यार मत करना ज़िंदगी सोगवार मत करना वादा करके भी भूल जाते हो हमसे कोई करार मत करना कितनी ही बार गलतियां होंगी उनका अब तुम...

मैं कड़वा हूं बातों में, तुम सीधी हो चाहत में

मेरी कड़वी बातों में तेरी सीधी चाहत मैं मिजाज़ के बड़े पक्के तुम ठंडक-सी राहत मैं खाली सड़क तुम उस पर उड़ती रेत इतनी चाहत हम दोनों में कैसे एक म्यान...

राजीव गांधी के बंद ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ फिर से शुरू करवाएंगे केएल शर्मा

-अमेठी के साथ सुल्तानपुर में भी अमेठी सांसद ने बढ़ाई सक्रियता विक्रम सिंह / सुल्तानपुर गांधी परिवार के करीबी अमेठी सांसद के एल शर्मा ने अब...

महामारी पर विराम

चीन को सबक सिखाने में देर क्यूं लगाई किसका था इंतजार दुनिया खत्म होने पर थी कगार महामारी फैलाते चीन हुआ न था शर्मसार ऐसे देश को...

मनमानी की ऐंठ

तब तक रहते काम के, जब तक रहता काम। बाद चूसकर फेंकते, लोग सड़क पर आम।। सबको बांटी उम्रभर, जिसने ठंडी छांव। फिर क्यों उसके ही जले,...

जीवन अपना सफल करो

लहरों का शोर नहीं, तुम सागर का शांत सुनो। तुम एक नन्ही बूंद हो और सागर में मिलने का प्रयास करो। कुछ बड़ा करना है जीवन में, तो...

बेरोजगार

घर से निकाला हूं मैं किसके हवाला हूं मैं रहने के लिए मकान नहीं जीने के लिए सामान नहीं कोई भी काम नहीं ये आलम है बेरोजगारी का कैसी है...

वातावरण

वातावरण सुहाना आया। अब की इस बरसात में।। नई रोशनी चमक रही है। आज घनेरी रात में।। रोता है विकलांग आदमी। अपनों की बारात में।। संख्याबल जो मिला हुआ है। वह...

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