बेबाक

बेबाक : ‘कॉकरोच’, राजनीति के माथे पर बल

अनिल तिवारी मुंबई भारतीय राजनीति में कभी-कभी कोई नारा, कोई मीम या कोई तंज इतनी तेजी से पैâलता है कि स्थापित दलों की पूरी प्रचार मशीनरी...

बेबाक : मीरा रोड से नासिक तक, कट्टरता का क्रूर होता चेहरा

अनिल तिवारी मुंबई मुंबई से सटे मीरा रोड में दो सुरक्षा गार्डों पर जेहादी हमला केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ी होती...

बेबाक : जनसंख्या पर राजनीति …जब देश को नीति चाहिए, नेता नारे दे रहे हैं!

अनिल तिवारी मुंबई भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में तेजी से बढ़ती आबादी और पहले से मौजूद विशाल जनसंख्या का दबाव है। शहरों में भीड़, ट्रैफिक...

बेबाक : अमेरिका ने फिर मुंह की खाई …‘नो-बेल’ तो मिलना ही चाहिए!

अनिल तिवारी मुंबई ऐसा बहुत कम ही होता है जब किसी खेल में मदारी ही खुद जमूरा बन जाए। इन दिनों खाड़ी में चल रहे...

बेबाक : मोदी जी के ‘जाने’ में ही सबकी भलाई है!

अनिल तिवारी मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब-जब विदेश जाते हैं तब-तब देश में विपक्षी नेता और सत्ता आलोचक, उनकी यात्राओं का विरोध करते हैं। ऐसा वे...

बेबाक : अमेरिका तबाह हो रहा है!

अनिल तिवारी, मुंबई ईरान और अमेरिका-इजरायल का युद्ध शांत होने के बजाय दिन प्रतिदिन घातक होता जा रहा है। दोनों ही पक्ष चाहे जो भी...

बेबाक : देश के हिंदू बंटे, पड़ोसी देश सटे!..क्या यही है सरकार का ‘सनातनी’ विकास का एजेंडा?

 अनिल तिवारी, मुंबई पिछले एक दशक से देश के हिंदुओं को लगातार एक-दूसरे के सामने खड़ा किया जा रहा है। जाति के विरुद्ध जाति को...
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