शीतल अवस्थी
किसी भी कार्य की शुरूआत श्रीगणेश के पूजन से ही की जाती है। ऐसा करने पर हर शुभ कार्य में सफलता अवश्य प्राप्त होती है। भगवान शिव द्वारा गणेशजी को सबसे पहले पूजने का वरदान प्राप्त है। अत: सभी मांगलिक और शुभ कार्यों में गणेशजी की आराधना और उनके प्रतीक चिन्हों का पूजन किया जाता है।
गणेशजी को परिवार का देवता भी माना जाता है। इनकी पूजा से घर-परिवार की हर समस्या का निराकरण हो जाता है। गणेशजी रिद्धि और सिद्धि के दाता हैं, इनकी कृपा से भक्तों को लाभ प्राप्त होता है और शुभ समय का आगमन होता है। भक्त श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए विधिवत पूजन और उपाय करते हैं, उन्हें सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त हो जाती हैं। यहां एक ऐसा ही प्राचीन उपाय बताया जा रहा है, जिससे आपकी किस्मत चमक सकती है।
उपाय इस प्रकार है-
किसी सरोवर, तालाब, नदी या कुएं के पास जाकर वहां की मिट्टी से श्री गणेशजी की मूर्ति बनाएं और इस मूर्ति को घर में स्थापित करें। मूर्ति पर सिंदूर, जनेऊ, दूर्वा, प्रसाद अर्पण करें, फिर गणेशजी की आरती करें। आरती के बाद अपनी मनोकामना बोलकर गणेशजी को प्रणाम करें। पूजन होने के बाद गणेशजी की मूर्ति को वहीं सरोवर या कुएं में विसर्जित कर दें। ऐसा करने पर कुछ ही दिनों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगेंगे और पैसों की तंगी, घर-परिवार की समस्याएं सब समाप्त होने लगेंगी।
ज्योतिष के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को अधिकांश समय पैसा की तंगी का सामना करना पड़ता है तो इसके पीछे कुंडली में कोई अशुभ योग हो सकता है। यदि कोई ग्रह दोष है तब भी पैसों के संबंध में परेशानियां झेलना पड़ सकती हैं। संबंधित ग्रह का उचित ज्योतिषीय उपचार करने से ऐसे बुरे प्रभाव समाप्त हो सकते हैं।
