अ मेरिका और ईरान के बीच टेंशन पीक पर पहुंच चुव् है। ट्रंप धमकी पर धमकी दिए जा रहे हैं और तेहरान भी सीना ताने खड़ा है। जंग के खतरे के बीच अब खामेनेई के पास सिर्फ १० दिन बचे हैं। पर्दे के पीछे मीटिंग-वीटिंग छोड़कर ट्रंप ने सीधे सामने आकर अटैक की तारीख का एलान कर दिया है। उन्होंने एक तरह से खामेनेई को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि ‘अंजाम बहुत बुरा होगा।’ ट्रंप के इस अल्टीमेटम के बाद मिडिल ईस्ट में हलचल मच गई है। खबर पैâल गई है कि अमेरिका ने युद्ध के नगाड़े बजा दिए हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को गाजा पीस बोर्ड की मीटिंग के दौरान सीधे तौर पर तेहरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगले १० दिनों के भीतर दुनिया को पता चल जाएगा कि ईरान के साथ कोई डील होगी या फिर युद्ध। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो वाशिंगटन को एक कदम आगे बढ़ना पड़ेगा। रक्षा जानकारों के मुताबिक, इस ‘एक कदम’ का मतलब सीधे तौर पर ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला है। ट्रंप का सीधा संदेश है कि ईरान को अपनी मिसाइलों और न्यूक्लियर पैâसिलिटी को पूरी तरह खत्म करना होगा, वरना अमेरिका अटैक करने के लिए तैयार खड़ा है। खुफिया रिपोर्ट्स और ‘द टेलीग्राफ’ के दावों के मुताबिक, अमेरिकी सेना को शनिवार तक ईरान पर हमला करने के लिए ‘ग्रीन सिग्नल’ मिल चुका है। बता दें कि मिडिल ईस्ट में ५० से ज्यादा अतिरिक्त फाइटर जेट्स और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर्स तैनात हो चुके हैं। अमेरिका का सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट वैâरियर अगले कुछ दिनों में भूमध्य सागर पहुंच जाएगा, जिसके बाद ईरान पर चौबीसों घंटे नॉन-स्टॉप बमबारी करने की ताकत अमेरिका के पास होगी।
ईरान ने रूस के साथ किया युद्ध अभ्यास
ईरान ने गुरुवार को रूस के साथ वार्षिक सैन्य युद्ध अभ्यास किया। यह युद्ध अभ्यास ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी विमानवाहक पोत पश्चिम एशिया के करीब पहुंच रहा है। अमेरिका और ईरान दोनों ने संकेत दिए हैं कि अगर तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता विफल हुई, तो वे युद्ध के लिए तैयार हैं।
