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श्रीगणेश की उपासना के मंत्र

शीतल अवस्थी

राशि के मुताबिक, श्रीगणेश की उपासना के इन मंत्र उपायों से विवेक, बुद्धि, बल और विद्या देकर भाग्य संवारने वाली सिद्ध होगी।
मेष – भगवान गणेश को पूजा में ‘ॐ विघ्रराजाय नम:’यह मंत्र बोलते हुए रेशमी दुपट्टा चढाएं। वैवाहिक जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ेगा।
वृषभ – ‘ॐ भक्तविघ्रविनाशाय नम:’यह मंत्र बोलते हुए भगवान गणेश को पांच तरह के पांच लड्डुओं का भोग लगाएं। भौतिक सुख मिलेंगे।
मिथुन – ‘ॐ भक्तवांछितदायकाय नम:’यह मंत्र बोलते हुए श्रीगणेश की प्रतिमा पर कच्चा दूध चढाएं। धन की कमी और पारिवारिक कलह दूर होगा।
कर्क – ‘ॐ दूर्वाबिल्वप्रियाय नम:’मंत्र बोलते हुए श्रीगणेश को दूर्वा चढ़ाएं। मानसिक और शारीरिक परेशानियों दूर होगी।
सिंह – ‘ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नम:’मंत्र स्फटिक के श्रीगणेश को सिंदूर चढ़ाएं। मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
कन्या – ‘ॐ अकल्माषय नम:’मंत्र बोलते हुए लाल कलेवा और लाल चंदन चढ़ाएं। कार्यक्षेत्र और परिवारिक समस्या और तनाव दूर होंगे।
तुला – ‘ॐ हरये नम:’ मंत्र बोलते हुए आम के पत्तों से गणेश पूजा करें। रोग से मिले दु:ख और कष्ट दूर होंगे।
वृश्चिक – ‘ॐ शान्ताय नम:’मंत्र बोलते हुए गुड़, चीन और दही का भोग लगाएं। संकटों से बचेंगे।
धनु – ‘ॐ प्रसन्नात्मने नम:’मंत्र बोलकर भगवान गणेश का पंचामृत से अभिषेक करें। आर्थिक लाभ की संभावना बढ़ेगी।
मकर – ‘ॐ गजाननाय नम:’मंत्र बोलते हुए तांबे के सिक्के को काले धागे में बांधकर श्रीगणेश को चढ़ावें। धन लाभ होगा।
कुंभ – ‘ॐ ज्ञानिने नम:’ मंत्र बोल गुलाब का फूल चढ़ावें। संतान सुख प्राप्त होगा।
मीन – ‘ॐ चतुराय नम:’मंत्र बोलते हुए पीला रेशमी कपड़ा भगवान श्री गणेश का चढ़ावें। नौकरी, व्यापार में लाभ होगा।

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