एजेंसी / नई दिल्ली
हफ्तों से जारी तनातनी और लामबंदी के बीच ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला कर दिया। ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार सुबह से ही धमाकों की गूंज सुनाई दी। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरानी सिक्योरिटी काउंसिल ने तेहरान के निवासियों से राजधानी छोड़ने की अपील की है। ईरान ने भी अमेरिका और इजरायल पर जवाबी हमला किया। जिसे ईरान ने `ऑपरेशन फतेह खैबर’ नाम दिया। ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं और कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। रणनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले १० दिन बेहद अहम साबित हो सकते हैं, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी सैन्य और कूटनीतिक चालें तेज कर चुके हैं। अंतर्राष्ट्रीय रक्षा और युद्ध विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दस दिनों में सैन्य तैनाती की दिशा स्पष्ट होगी। विदेश मामलों के एक्सपर्ट वेल अवाद ने कहा कि अगर ये जंग रुकना मुश्किल है।
युद्ध विश्लेषकों की राय
अगर कूटनीतिक बातचीत आगे नहीं बढ़ी तो सैन्य टकराव तेज हो सकता है
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और अलर्ट स्तर पहले से अधिक बढ़ाया गया
वैश्विक शक्तियां स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
