गोवंडी के पंडित मदनमोहन मालवीय शताब्दी अस्पताल के निजीकरण का विरोध, शीघ्र शुरू करने की मांग
मुंबई। गोवंडी स्थित पंडित मदनमोहन मालवीय शताब्दी रुग्णालय को लेकर स्थानीय सामाजिक संगठनों ने निजीकरण की आशंका पर चिंता जताई है। इस संबंध में संत गाडगे महाराज एक चळवळ के अध्यक्ष राजेंद्र नगराळे ने अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पश्चिम उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा को पत्र भेजकर अस्पताल को जल्द से जल्द शुरू करने और उसका निजीकरण न करने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि गोवंडी, चेंबूर और मानखुर्द क्षेत्र के हजारों गरीब और जरूरतमंद नागरिक इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न परियोजनाओं के कारण बड़ी संख्या में प्रकल्प प्रभावित परिवारों का पुनर्वास इस इलाके में किया गया है, जिससे जनसंख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
संगठन ने अपने निवेदन में स्पष्ट किया है कि यह अस्पताल आम नागरिकों के लिए ‘जीवनरेखा’ के समान है। यदि इसका निजीकरण किया गया तो गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए प्रशासन से अपील की गई है कि नव-निर्मित भवन को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर उपचार सुविधाएं मिल सकें।
मामले को गंभीरता से लेते हुए यह पत्र बृहन्मुंबई महानगरपालिका प्रशासन को भी प्रेषित किया गया है। अब देखना होगा कि महानगरपालिका इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और अस्पताल को लेकर आगे की क्या कार्यवाही की जाती है।
