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हिमांशु रॉय लेगेसी अवार्ड्स 2026 की घोषणा, पुरस्कार राशि 5 लाख रुपए

सोम मिश्रा “शिवम”

हिमांशु रॉय फाउंडेशन ने हिमांशु रॉय लेगेसी अवार्ड्स 2026 की घोषणा कर दी है, जिसके लिए पूरे भारत से नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। यह पुरस्कार उन असाधारण व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करने के लिए दिए जाएंगे, जिनका कार्य ईमानदारी और राष्ट्र सेवा की भावना को दर्शाता है।

वर्ष 2025 में स्थापित ये पुरस्कार महाराष्ट्र कैडर के विशिष्ट अधिकारी स्वर्गीय हिमांशु रॉय, आईपीएस की अमिट विरासत को समर्पित हैं। उन्हें उनके अटूट साहस, नैतिक नेतृत्व और गहरी करुणा के लिए याद किया जाता है। इन पुरस्कारों की परिकल्पना केवल एक वार्षिक समारोह के रूप में नहीं, बल्कि सिद्धांत आधारित उत्कृष्टता को मान्यता देने वाले एक राष्ट्रीय मंच के रूप में की गई है। यह पहल उन लोगों को सामने लाने का प्रयास है जो दृढ़ विश्वास के साथ नेतृत्व करते हैं और उद्देश्यपूर्ण सेवा में संलग्न रहते हैं।

ये पुरस्कार तीन विशिष्ट श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा श्रेणी में उन अधिकारियों, सुरक्षा पेशेवरों और संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा जो अनुकरणीय बहादुरी, अखंडता और नेतृत्व के साथ राष्ट्र की रक्षा करते हैं। चिकित्सा एवं उपचार श्रेणी में उन चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा जो रोगी देखभाल, चिकित्सा अनुसंधान और संवेदनशील हस्तक्षेप को बढ़ावा दे रहे हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत श्रेणी में उन कलाकारों और संगठनों को सम्मानित किया जाएगा जो भारत की शास्त्रीय संगीत परंपरा को संरक्षित, प्रोत्साहित और समृद्ध करने के लिए समर्पित हैं। प्रत्येक पुरस्कार के साथ 5 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी।

नामांकन की घोषणा करते हुए लेखिका और हिमांशु रॉय फाउंडेशन की अध्यक्ष भावना रॉय ने कहा, “हिमांशु का मानना था कि ईमानदारी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह जीवन जीने का एक तरीका है। ये पुरस्कार केवल सम्मान देने के लिए नहीं, बल्कि सेवा के राष्ट्रीय मानक को मजबूत करने के लिए हैं। इस मंच के माध्यम से हम उन व्यक्तियों को पहचान देना चाहते हैं जिनका कार्य उच्चतम नैतिक मूल्यों के साथ ठोस प्रभाव उत्पन्न करता है। हम देशभर से ऐसे लोगों को नामित करने का आग्रह करते हैं जो शांत, निर्णायक और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व करते हैं।”

प्रसिद्ध लेखक अमीश, जो स्वर्गीय हिमांशु रॉय के बहनोई और हिमांशु रॉय फाउंडेशन के सह संस्थापक हैं, ने कहा, “कोई भी सभ्यता तभी आगे बढ़ती है जब वह उन लोगों को पहचानती है जो अपने कार्यक्षेत्र में धर्म का पालन करते हैं। चाहे वे वर्दी में हों, अस्पताल के वार्ड में हों या शास्त्रीय संगीत के मंच पर, सच्ची उत्कृष्टता अनुशासन, नैतिकता और व्यापक उद्देश्य की सेवा में निहित होती है। ये पुरस्कार ऐसी ही शांत शक्ति को सामने लाते हैं।”

वर्ष 2026 के लिए नामांकन भारतीय नागरिकों और संगठनों के लिए खुले हैं। स्वयं नामांकन और सहकर्मियों द्वारा नामांकन दोनों स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन केवल हिमांशु रॉय फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे। इसके साथ विस्तृत नामांकन प्रपत्र और प्रभाव व योगदान को स्पष्ट करने वाले सहायक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।

नामांकन पोर्टल अब सक्रिय है और अप्रैल 2026 के अंत तक खुला रहेगा। विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों से बनी एक स्वतंत्र जूरी मई 2026 में गहन समीक्षा प्रक्रिया पूरी करेगी। पुरस्कार समारोह जून 2026 में आयोजित किया जाएगा। नामांकन संबंधी दिशा निर्देशों और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए हिमांशु रॉय फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।

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