शीतल अवस्थी
हर सााल ८ मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिन दुनियाभर में विशेष रूप से महिलाओं के मान-सम्मान और उनकी समस्याओं पर चर्चाएं होती हैं। सभी महिलाओं के विषय में जानना और समझना चाहते हैं। यहां जानिए महिलाओं के स्वभाव से जुड़ी खास बातें।
हिंदी पंचांग के अनुसार, १२ माह बताए गए हैं। मान्यता है कि इन अलग-अलग माहों में जन्म लेने वाली स्त्रियों का स्वभाव भी अलग-अलग होता है। किसी व्यक्ति के जन्म समय पर जैसी ग्रह स्थिति होती है, जैसा समय होता है, जैसा वार या माह होता है, व्यक्ति का स्वभाव भी ठीक वैसा ही होता है। हर दिन, हर माह का अलग प्रभाव होता है। माह के प्रभाव के आधार पर व्यक्ति का स्वभाव भी वैसा ही बन जाता है। हिन्दी पंचांग और अंग्रेजी कैलेंडर में काफी अंतर होता है। ज्योतिष में हिंदी पंचांग को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। हिंदी पंचांग में बताए गए १२ माह के अनुसार यहां जानिए किस माह में जन्मीं स्त्री का स्वभाव कैसा होता है-
पौष मास (सामान्यत: दिसंबर-जनवरी): जिनका जन्म पौष मास में होता है, वे महिलाएं स्वयं के कार्यों से अच्छे भाग्य का निर्माण करती हैं। सभी से मिल-जुलकर रहती हैं। इसी वजह से इन्हें मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। इन स्त्रियों को सिरदर्द, वायु एवं वात रोग की बीमारी हो सकती है। हालांकि, माना जाता है कि ये स्त्रियां अधिक क्रोधी होती हैं।
माघ मास (सामान्यत: जनवरी-फरवरी): इन महिलाओं का चेहरा सुंदर होता है, जिनका जन्म माघ मास में होता है। स्वभाव सरल और सहज होता है। दूसरे लोगों को अपनी बात पूरी तरह प्रकट नहीं करने देती हैं। ये महिलाएं कमजोरी के कारण रोगी हो सकती हैं।
फाल्गुन मास (सामान्यत: फरवरी-मार्च): इस माह में जन्म लेने वाली स्त्रियां दयावान होती हैं, इनसे किसी का दुख नहीं देखा जाता है। इनका स्वभाव शुभ और धार्मिक विचार वाला रहता है। ये पढ़ाई-लिखाई में होशियार होती हैं।
चैत्र मास (सामान्यत: मार्च-अप्रैल): इस मास में जन्म लेने वाली स्त्रियां चतुर होती हैं। इनका रंग-रूप सुंदर होता है। चंचल स्वभाव होने के कारण इनका आकर्षण काफी अधिक रहता है। धन के मामलों में भी इन्हें काफी लाभ होता है। कभी-कभी क्रोध इन पर हावी हो सकता है।
वैशाख मास (सामान्यत: अप्रैल-मई): जिन स्त्रियों का जन्म वैशाख मास में होता है, वे सामान्यत: सुंदर नेत्रों वाली होती हैं। इनका स्वभाव सरल और सहज होता है। इनके पति का स्वभाव भी उत्तम रहता है। ये महिलाएं कम खर्च करने वाली और क्रोध करने वाली होती हैं। इन्हें जीवन में धन और सुख दोनों प्राप्त होते हैं।
ज्येष्ठ मास (सामान्यत: मई-जून): इस माह में जन्म लेने वाली स्त्रियां उत्तम बुद्धि वाली होती हैं। इन्हें जीवन में धन और सुख आसानी से प्राप्त हो जाते हैं। इन महिलाओं के लिए कोई भी कार्य मुश्किल नहीं होता है। ये स्त्रियां तीर्थ यात्रा करने वाली और पतिनिष्ठ होती हैं।
आषाढ़ माह (सामान्यत: जून-जुलाई): जिन महिलाओं का जन्म आषाढ़ मास में हुआ है, वे मीठा बोलने वाली होती हैं। इनकी आवाज का सर्वाधिक आकर्षण होता है। इनके पति भी अच्छे स्वभाव वाले होते हैं। हालांकि, इन्हें धन और सुख पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता है। ये स्त्रियां कड़ी मेहनत के बाद भी उचित धन प्राप्त नहीं कर पाती हैं।
सावन मास (सामान्यत: जुलाई-अगस्त): सावन मास बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस माह में जन्म लेने वाली स्त्रियां शुभ और धार्मिक कार्य करने वाली होती हैं। इनके जीवन में सुख और दुख, लाभ और हानि की समानता रहती है। ये खुश मिजाज और संतान का सुख प्राप्त करने वाली होती हैं। इन्हें अधिकांश समय बीमारियां परेशान करती हैं।
भाद्रपद मास (सामान्यत: अगस्त-सितंबर): इस माह में जन्म लेने वाली महिलाएं सुंदर शरीर वाली होती हैं। मीठी वाणी और सरल स्वभाव इनकी विशेषता होती है। इन्हें पति की ओर से भी उत्तम सुख प्राप्त होता है। ससुराल में मान-सम्मान प्राप्त करने वाली होती हैं। ये स्त्रियां जिद भी करती हैं, जिससे कई बार परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।
आश्विन मास (सामान्यत: सितंबर-अक्टूबर): इस माह में जन्म लेने वाली स्त्रियों की पहचान उनका चंचल स्वभाव होता है। ये महिलाएं बातचीत में होशियार होती हैं। धनवान होने के साथ ही इन्हें पति की ओर से भी सुख प्राप्त होता है। संतान की ओर से कुछ समस्याएं हो सकती हैं।
कार्तिक मास (सामान्यत: अक्टूबर-नवंबर): इस माह में जन्म लेने वाली महिलाएं धनवान होती हैं, बुद्धिमान और कई कलाओं की जानकार भी होती हैं। ये स्त्रियां मीठा बोलने वाली होती हैं। सामान्यत: ये महिलाएं पति को वश में करने वाली होती हैं, किंतु ससुराल वालों से कई बार वाद-विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है। इन्हें कफ संबंधी बीमारियां अधिक परेशान करती हैं।
मार्गशीर्ष मास (सामान्यत: नवंबर-दिसंबर): इस मास में जन्म लेने वाली महिलाएं नरम स्वभाव की होती हैं। ये स्त्रियां धीरे-धीरे बात करती हैं। इन महिलाओं को सच पसंद होता है। धार्मिक कार्यों में रुचि होती है। इनके पास धन काफी रहता है, लेकिन खर्च भी अधिक होते हैं। इन्हें पेट संबंधी रोग होने की अधिक संभावनाएं रहती हैं।
