अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अभिनेत्री, निर्माता और निर्देशक रेणुका शहाणे ने अपनी खुशी व्यक्त की। शांता गोखले की बेटी के रूप में जानी जाने वाली रेणुका ने १९९० में ‘सुरभि’ सीरियल से घर-घर में पहचान बनाई और ११ वर्षों में ४१५ एपिसोड किए। इसके बाद वे राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में भाभी का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुर्इं। रेणुका ने नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘त्रिभंगा’, मराठी फिल्म ‘रीता’ और हाल ही में ‘उत्तर’ जैसी परियोजनाओं में अभिनय और निर्देशन किया। अपने सहज स्वभाव, पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए उन्होंने हिंदी, मराठी और ओटीटी क्षेत्र में अपना मजबूत स्थान बनाया। पेश हैं, रेणुका शहाणे से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
रेणुका, आज ८ मार्च है… अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस… महिला दिवस के बारे में आपके क्या विचार हैं? क्या साल में एक दिन महिला दिवस मनाना उचित है? क्या २१वीं सदी की महिलाएं आज स्वतंत्र हैं? आपकी क्या राय है?
आज के समय में अंतरिक्ष, बैंक, कॉर्पोरेट और बड़े पदों पर काम करने वाली महिलाओं का सम्मान होता है, लेकिन घर में दिन-रात १६-१८ घंटे काम करने वाली गृहिणियों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। बिना वेतन और बिना छुट्टी के वे पूरे परिवार की देखभाल करती हैं। इसके बावजूद महिला दिवस में उनकी भूमिका पर कम चर्चा होती है। घर और बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं की नहीं, बल्कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की होनी चाहिए। जब जिम्मेदारियां बराबर बंटेंगी, तभी महिला दिवस का सही अर्थ सामने आएगा।
रेणुका, आपके विचार में ‘सशक्त महिलाएं’ कौन हैं?
मेरी माता, शांता गोखले, ने मुझमें और मेरे भाई में मूल्य संजोए, जो जीवन में मार्गदर्शक बने। उनका विश्वास है कि महिलाएं शिक्षा प्राप्त करें और पुरुष समान जिम्मेदारी निभाएं। आशा पारेख, वहीदा रहमान और रेखा जैसी अभिनेत्रियां पुरुष प्रधान क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और गरिमापूर्ण जीवन से प्रेरणा देती हैं।
कुछ साल पहले बॉलीवुड में यौन उत्पीड़न के खिलाफ ‘मी टू’ आंदोलन शुरू हुआ था। उसके बाद क्या हुआ? क्या यह आंदोलन शांत पड़ गया है?
फिल्म उद्योग की महिलाएं अब शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करा सकती हैं, जो पहले संभव नहीं था। ‘सिने आर्टिस्ट एसोसिएशन’ वकील, मार्गदर्शन और कानून की जानकारी देती है। ‘मी टू’ आंदोलन ने जागरूकता बढ़ाई है। कानून संवेदनशील है, लेकिन अपराध पूरी तरह नहीं रुके। महिलाएं अब अन्याय सहन नहीं करतीं और न्याय मांग सकती हैं।
रेणुका, अभिनेता आशुतोष राणा से आपका विवाह २००१ में संपन्न हुआ था। अपने २५ वर्षों के वैवाहिक जीवन के दौरान, क्या आपने आशुतोष से कभी ऐसी किसी बात पर चर्चा की है जिससे आपको परेशानी हुई हो?
– मेरा विवाह प्रेम विवाह हुआ। राणा जी और मैं दोस्त बने और एक-दूसरे से बातचीत करने लगे, लेकिन शादी का निर्णय तब नहीं लिया था। राणा जी के गुरु ने उन्हें बताया कि मैं उनके लिए उपयुक्त जीवनसाथी हूं। हमारी भाषाएं अलग थीं, लेकिन विचार समान थे। राणा जी का परिवार बड़ा था, और गृहिणी होने के नाते मुझे सबकी देखभाल करनी पड़ती थी। छह साल तक यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जब मैंने राणा जी से अपनी कठिनाई बताई, उन्होंने तुरंत समझा और मेहमानों की संख्या कम कर दी। इसके बाद राणा जी ने मुझे काम करने के लिए प्रेरित किया।
रेणुका, अपनी यादगार फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ से जुड़ी कुछ यादें साझा कीजिए।
टीवी सीरियल ‘सुरभि’ में काम करते समय मैंने बॉब कट करवाया था। मेरे काम और छवि से प्रभावित होकर सूरज बड़जात्या, उनके पिता और टीम ने मुझे राजश्री प्रोडक्शन में भाभी का रोल दिया। उन्होंने चेताया कि इंडस्ट्री में एक बार भाभी या ननद का रोल मिलने के बाद वही तरह के रोल मिलते रहते हैं।
