द्रुप्ति झा / मुंबई
गोरेगांव वेस्ट में सिद्धार्थ हॉस्पिटल रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में देरी होने की खबर सामने आई है । दिक्कतें चाहे जो भी हों, उसे समय पर पूरा करना काम का एक अहम हिस्सा है। प्रोजेक्ट के काम की मौजूदा हालत को देखते हुए कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में अब और दो साल लगेंगे। बता दें कि इस वजह से पब्लिक हेल्थ सर्विस पर असर पड़ रहा है और लाखों लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि मुंबई की मेयर रितु तावडेने कहा कि ऐसी देरी कभी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिद्धार्थ हॉस्पिटल रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिती के साथ-साथ इस प्रोजेक्ट को तुरंत पूरा करने का प्लान जमा करने के भी सख्त निर्देश दिए हैं। अब देखने वाली बात ये है कि इन निर्देशों का पालन होता है या नहीं
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सिद्धार्थनगर, गोरेगांव वेस्ट, जोगेश्वरी वेस्ट, मलाड वेस्ट, मालवणी, आरे कॉलोनी के इलाकों में करीब ८ से १० लाख लोगों की हेल्थ केयर की जरूरतों को पूरा करने के लिए लाया गया है। असल में कंस्ट्रक्शन १० अप्रैल, २०२३ को शुरू हुआ था। कुल ३०६ बेड की वैâपेसिटी वाले इस हॉस्पिटल के मानसून सीजन समेत ३६ महीने में, यानी अप्रैल २०२६ तक पूरा होने की उम्मीद थी। लेकिन, मानसून सीजन में खुदाई के दौरान लैंडस्लाइड, ऑटोप्सी सेंटर की बिल्डिंग पूरी होने के बाद पुराने सेंटर को शिफ्ट करके उसकी जगह नई बिल्डिंग बनाने, यूटिलिटी लाइनों को शिफ्ट करने, दूसरी एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्निकल दिक्कतों जैसी कई वजहों से प्रोजेक्ट में देरी हुई है। ऑटोप्सी सेंटर मार्च २०२५ में बनाकर सरकार को सौंप दिया गया था। इस बीच, दो ग्यारह-मंजिला हॉस्पिटल बिल्डिंग के कंस्ट्रक्शन में दस मंजिल तक काम पूरा हो चुका है। अब, ऑटोप्सी सेंटर की पुरानी जगह पर नई बिल्डिंग बनाने के लिए नींव खोदकर काम शुरू कर दिया गया है। जबकि स्टाफ के आवास के लिए २१-२१ मंजिला बिल्डिंग बनाने का प्लान है। इनमें से २० मंजिल तक का काम पूरा हो चुका है। सभी बिल्डिंग की मंजिलें पूरी होने के बाद, अंदर का काम शुरू होगा और इसके दो साल में पूरा होने की उम्मीद है, ऐसा हॉस्पिटल के इंप्रâास्ट्रक्चरल डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया। इस तरह की देरी से प्रोजेक्ट की लागत बेवजह बढ़ जाती है और मनपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। किसी भी प्रोजेक्ट में मुश्किलें और चुनौतियां आती हैं। हालांकि, उन्हें समय पर हल करना और सीनियर्स और जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में काम पूरा करवाना प्रशासन का काम है।
