मुंबई। मानव उत्थान सेवा समिति के प्रणेता सतपाल महाराज की प्रेरणा से अंधेरी पूर्व स्थित पारसी पंचायत रोड के अंधेरी आश्रम में सद्भावना संत सम्मेलन एवं होली मिलन समारोह धार्मिक वातावरण और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, कार्यकर्ता और संत उपस्थित रहे।
रविवार 8 मार्च को आयोजित इस सम्मेलन में वसई से पधारे संत आचार्या नंद जी महाराज ने भक्तों को आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि सद्गुरु की सेवा और उनके मार्गदर्शन से ही आत्मज्ञान की प्राप्ति संभव है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य आत्मिक उन्नति और ईश्वर की अनुभूति है, जो सद्गुरु की कृपा और सत्संग से प्राप्त होती है। उनके प्रवचन को उपस्थित श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा और ध्यान के साथ सुना।
इस अवसर पर मुंबई आश्रम की प्रभारी महात्मा कल्पना बाई ने भी भक्तों को संबोधित करते हुए राम नाम की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा—“राम एक तापस तिय तारी, नाम कोटि खल कुमति सुधारी।” उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का प्रभाव इतना महान है कि यह संसार के सभी दुखों और कष्टों को दूर करने की शक्ति रखता है। उन्होंने भक्तों से नियमित रूप से सत्संग में भाग लेने और संतों के बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
महात्मा कल्पना बाई ने मानव उत्थान सेवा समिति के कार्यकर्ताओं और शिष्यों से समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को बढ़ाने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि संत सम्मेलन जैसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम के अंत में होली मिलन समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। आयोजन की सफलता पर समिति के मानव सेवा दलित शाखा के कार्यकर्ताओं, यूथ संगठन के सदस्यों और सभी शिष्यों को संतों ने आशीर्वाद प्रदान किया। समारोह के दौरान पूरे आश्रम परिसर में भक्तिमय और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा।
