सामना संवाददाता / मुंबई
वैश्विक स्वास्थ्य सेवा कंपनी एबॉट ने भारत में जायन्स स्काईपॉइंट के लॉन्च की घोषणा की है। यह एबॉट के विश्वसनीय जायन्स परिवार के एवेरोलिमस ड्रग एल्यूटिंग कोरोनरी स्टेंट्स की सबसे उन्नत पीढ़ी का स्टेंट है। इसे अधिक लचीला बनाया गया है, जिससे डॉक्टर इसे हृदय की धमनियों, विशेष रूप से बड़ी रक्त वाहिकाओं के माध्यम से आसानी से मार्गदर्शित कर सकते हैं। इससे जटिल हृदय अवरोधों का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से संभव हो सकेगा।
एबॉट वैस्कुलर व्यवसाय, भारत और दक्षिण एशिया के जनरल मैनेजर तुषार शर्मा ने कहा, “भारत में जायन्स स्काईपॉइंट का लॉन्च हृदय रोगों का उपचार करने वाले डॉक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति है, क्योंकि ये रोग आज भी देश में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। आज कई मरीज उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण कम उम्र में ही गंभीर धमनियों की रुकावट विकसित कर लेते हैं। इसलिए डॉक्टरों को ऐसे स्टेंट उपलब्ध कराना आवश्यक है जो सुरक्षित रूप से कठिन क्षेत्रों तक पहुंच सकें और विभिन्न प्रकार की रुकावटों का उपचार कर सकें। स्काईपॉइंट बेहतर सटीकता के साथ उपचार को और प्रभावी बनाता है और पूरे देश में उन्नत हृदय उपचार उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।”
भारतीय मरीजों के लिए अधिक आकार विकल्प
एबॉट ने चिकित्सकों को नवीनतम डीईएस तकनीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जायन्स स्टेंट की नई पीढ़ियों को पेश किया है। जायन्स स्काईपॉइंट के लॉन्च के साथ अब जायन्स परिवार में अब तक की सबसे व्यापक आकार सीमा उपलब्ध हो गई है। इससे डॉक्टर लंबी लीजन का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से कर सकते हैं और एक ही प्रक्रिया में आवश्यक स्टेंटों की संख्या को भी कम किया जा सकता है।
इस प्लेटफॉर्म में 4.5 मिमी और 5.0 मिमी आकार भी शामिल किए गए हैं और यह 5.25 मिमी तक की रक्त वाहिकाओं के लिए संकेतित एकमात्र डीईएस है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई मरीजों की धमनियों का आकार बड़ा या अलग अलग हो सकता है, इसलिए सही आकार का स्टेंट चुनने के लिए अधिक विकल्प आवश्यक होते हैं।
लंबी लीजन के लिए एकल स्टेंट समाधान
कई मरीजों को लंबी रुकावटों के उपचार की आवश्यकता होती है। पारंपरिक रूप से कार्डियोलॉजिस्ट दो या उससे अधिक ओवरलैपिंग स्टेंट का उपयोग करते थे, जिससे प्रक्रिया अधिक जटिल हो जाती थी। जायन्स स्काईपॉइंट के साथ डॉक्टरों के पास 48 मिमी के एकल स्टेंट का विकल्प उपलब्ध है, जिससे वे कई स्टेंट लगाने के बजाय एक ही स्टेंट की मदद से लंबी लीजन का उपचार कर सकते हैं। इससे प्रक्रिया का समय कम हो सकता है और मरीजों के लिए विकिरण के संपर्क तथा कॉन्ट्रास्ट डाई के उपयोग में भी कमी आ सकती है।
(यह जानकारी एबॉट के अभिलेखों में उपलब्ध डेटा पर आधारित है। औसत स्टेंट प्रोफाइल की तुलना जायन्स स्काईपॉइंट स्टेंट (3.0 × 48 मिमी) और जायन्स एक्सपेडिशन (3.0 × 48 मिमी) के बीच की गई है। यह तुलना केवल 2.5–3.0 मिमी स्टेंट आकारों पर लागू होती है।)
अधिक सुगम मार्गदर्शन के लिए स्मार्ट डिजाइन
स्काईपॉइंट को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह हृदय की धमनियों के भीतर अधिक आसानी से आगे बढ़ सके। इसमें पतला और सुगम डिलीवरी सिस्टम दिया गया है, जो डॉक्टरों को संकरी या मुड़ी हुई रक्त वाहिकाओं के माध्यम से स्टेंट को बेहतर नियंत्रण के साथ मार्गदर्शित करने में सहायता करता है। ये सुधार कठिन रुकावटों तक पहुंच को आसान बनाते हैं और जटिल मामलों में भी विश्वसनीय प्रदर्शन सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।
हृदय की महत्वपूर्ण धमनियों में उपचार का विकल्प
जायन्स स्काईपॉइंट में लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी के लिए भी संकेत शामिल है, जिससे डॉक्टरों को हृदय की सबसे महत्वपूर्ण धमनियों में से एक के उपचार के लिए अधिक विकल्प मिलते हैं। लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी हृदय की प्रमुख रक्त वाहिकाओं में से एक है और यह हृदय के बड़े हिस्से को रक्त की आपूर्ति करती है। इस धमनी में रुकावट अत्यंत जोखिमपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसका प्रभाव हृदय की दो अन्य प्रमुख शाखाओं पर पड़ता है।
पहले इसकी जटिलता के कारण इस रोग के उपचार के लिए आमतौर पर कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग (सीएबीजी) सर्जरी की आवश्यकता होती थी। लेकिन स्काईपॉइंट जैसी प्रगतियों के कारण अब चयनित मरीजों में स्टेंट के माध्यम से उपचार सर्जरी का एक प्रभावी विकल्प बन सकता है।
स्काईपॉइंट, जायन्स की स्थापित विरासत पर आधारित है, जो दुनिया के सबसे अधिक अध्ययन किए गए डीईएस प्लेटफॉर्म में से एक है। इसे वर्षों के क्लिनिकल प्रमाणों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें 120 से अधिक क्लिनिकल ट्रायल और 10 वर्षों का क्लिनिकल डेटा शामिल है। एबॉट के अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2022 की चौथी तिमाही तक जायन्स स्टेंट 20 मिलियन से अधिक मरीजों में प्रत्यारोपित किए जा चुके हैं।
इस स्टेंट में एबॉट की स्वामित्व वाली फ्लोरोपॉलिमर कोटिंग और सिद्ध कोबाल्ट क्रोमियम संरचना का उपयोग किया गया है, जो लंबे समय से सुरक्षा और टिकाऊ परिणामों का मजबूत रिकॉर्ड बनाए हुए हैं इस तकनीक का उद्देश्य डॉक्टरों को अधिक उपचार विकल्प उपलब्ध कराना और मरीजों में विश्वास बढ़ाना है, ताकि दीर्घकालिक हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके और लोगों को अधिक स्वस्थ जीवन जीने में सहायता मिले।
