मुख्यपृष्ठसमाचारइलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन

इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन

उमेश गुप्ता / वाराणसी

प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने व्यापक प्रदर्शन किया। प्रदेशभर की तरह बनारस के विभिन्न बिजली कार्यालयों पर कर्मचारियों ने धरना, प्रदर्शन और विरोध सभाएं आयोजित कर बिल के खिलाफ आवाज उठाई।

बिजली कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल 2025 को व्यापक जनहित में वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में किसानों के साथ हुए समझौते में इस बिल को वापस लेने की बात कही गई थी, ऐसे में इसे संसद में पारित कराने का प्रयास समझ से परे है।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शन नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स (NCCOEEE) के आह्वान पर देशभर में किया गया। उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में बिजलीघरों, ट्रांसमिशन केंद्रों, वितरण कार्यालयों और जिला मुख्यालयों पर कर्मचारी और इंजीनियर बड़ी संख्या में एकत्र हुए और प्रस्तावित कानून की निंदा की।

वक्ताओं ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 बिजली वितरण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजीकरण को बढ़ावा देगा और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को कमजोर करेगा। इससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि क्रॉस सब्सिडी समाप्त होने से कृषि उपभोक्ताओं और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए बिजली दरों में भारी वृद्धि हो सकती है। विरोध सभा को राजेंद्र सिंह, ई. एस. के. सिंह, ई. मनोज गुप्ता, अंकुर पांडेय, कृष्णा सिंह, प्रवीन कुमार, अनुराग सिंह और उदयभान दुबे सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

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