मुख्यपृष्ठसमाचारमीरा भायंदर मनपा द्वारा 1,439 करोड का बजट स्थायी समिति में पेश

मीरा भायंदर मनपा द्वारा 1,439 करोड का बजट स्थायी समिति में पेश

सुरेश गोलानी / मुंबई

मीरा भायंदर महानगरपालिका के आयुक्त राधा बिनोद शर्मा ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 15 करोड 22 लाख 28 हजार रुपये के सरप्लस (अधिशेष) वाला 1,439 करोड रुपये का वार्षिक बजट स्थायी समिति अध्यक्ष हसमुख गहलोत के समक्ष पेश किया। बजट में मनपा पर मंडराता कंगाली का साया साफ नजर आ रहा है, क्योंकि इसका सबसे बडा हिस्सा सरकारी निधि और ऋण से अपेक्षित है।

बजट के आंकडों के अनुसार मनपा को संपत्ति कर से 291.37 करोड रुपये, स्थायी राजस्व से 4.22 करोड रुपये, नगरपालिका परिसंपत्तियों (एसेट्स) से 10 करोड रुपये, विकास शुल्क और अन्य मदों से 297.63 करोड रुपये, राजस्व अनुदान से 496.87 करोड रुपये, निवेश आय से 6 करोड रुपये, ब्याज आय से 32.13 करोड रुपये और जल आपूर्ति से 234.85 करोड रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।

वहीं, वेतन और भत्तों पर 174.38 करोड रुपये, पेंशन पर 24.94 करोड रुपये, प्रशासनिक व्यय पर 95.56 करोड रुपये, सडकों, जल आपूर्ति और संपत्तियों के रखरखाव तथा मरम्मत पर 393.15 करोड रुपये, एमएमआरडीए और अन्य स्रोतों से लिए गए ऋणों पर 62 करोड रुपये तथा भूमि अधिग्रहण पर 90.65 करोड रुपये खर्च किए जाएंगे।

पिछले आर्थिक वर्ष में पूर्व मनपा प्रशासक संजय काटकर ने फरवरी 2025 में 84.57 लाख रुपये के सरप्लस (अधिशेष) वाला 2,694 करोड रुपये का बजट मंजूर किया था, जो 2024 के आंकडों से करीब 397 करोड रुपये अधिक था। उल्लेखनीय है कि पिछले आठ वर्षों में 1,562 करोड रुपये का बजट बढकर 2,694 करोड रुपये के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

हालांकि प्रशासन द्वारा बिना नए कर या दर वृद्धि के एक व्यवहारिक (रियलिस्टिक) बजट पेश करने की कोशिश की गई है, लेकिन मनपा में निर्वाचित सत्ताधारी भाजपा सदस्यों द्वारा अपने शासनकाल में जानबूझकर असलियत से कहीं अधिक बढा-चढाकर “फूगा हुआ” (इन्फ्लेटेड) बजट पास करने की परंपरा को देखते हुए इसका स्थायी समिति और महासभा में पोस्टमार्टम होना लगभग तय माना जा रहा है।

बजट के महत्वपूर्ण बिंदु:

  • दैनिक सफाई और नालियों की सफाई के लिए: 214.29 करोड रुपये

  • सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: 50.37 करोड रुपये

  • जल आपूर्ति: 25.93 करोड रुपये

  • महिला एवं बाल कल्याण विभाग: 28.49 करोड रुपये

  • दिव्यांगजन सशक्तिकरण: 28.49 करोड रुपये

  • कमजोर वर्ग योजना: 28.48 करोड रुपये

  • शहरी नियोजन विभाग: 42.45 करोड रुपये

  • शिक्षा विभाग: 35.28 करोड रुपये

  • चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग: 60.39 करोड रुपये

  • कंप्यूटर विभाग: 15.39 करोड रुपये

  • परिवहन सेवा: 35 करोड रुपये

  • विद्युत विभाग: 60.75 करोड रुपये

  • लोक निर्माण विभाग: 243.37 करोड रुपये

  • आस्थापना विभाग वेतन: 55.35 करोड रुपये

  • जल आपूर्ति विभाग: 259.31 करोड रुपये

  • पर्यावरण संवर्धन: 10.30 करोड रुपये

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